नई दिल्ली, 21 जुलाई (ता)। आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए इस साल एक अहम बदलाव किया गया है। आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर विभाग ने सभी आईटीआर फॉर्म में दूसरे पते का कॉलम अनिवार्य कर दिया है। अब करदाताओं को प्राथमिक पते के साथ एक अतिरिक्त पते की जानकारी भी देनी होगी।
यदि दोनों पते एक जैसे हैं, तब भी इसकी पुष्टि करनी होगी। इस बदलाव का उद्देश्य आयकर विभाग के रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना और करदाताओं से संपर्क आसान करना है। पहले आईटीआर फॉर्म में केवल एक पता भरना होता था। अब फॉर्म में प्राथमिक और दूसरे पते दोनों का विकल्प दिया गया है। यदि करदाता का दूसरा पता नहीं है, तो वह ‘दूसरा पता पहले पते के समान है’ का विकल्प चुन सकता है। वहीं, यदि वह किसी दूसरे शहर में रहता है या उसका पत्राचार का पता अलग है, तो उसे उस पते का पूरा विवरण देना होगा। यह व्यवस्था खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो नौकरी या कारोबार के कारण अपने स्थायी पते से अलग शहर में रहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का स्थायी पता जयपुर में है, लेकिन वह नौकरी के कारण गुरुग्राम में किराये के मकान में रहता है, तो वह दोनों पते दर्ज कर सकेगा।
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