प्रयागराज 24 फरवरी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की. अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के जरिए याचिका दाखिल की गई है, जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है.
बताते चले कि तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. जिस पर एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था. कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह एफआईआर बीएनएस की धारा 351(3), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5l, 6,3,4(2),16 और 17 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना भी शुरू कर दी है.
गौरतलब है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद झूंसी पुलिस वाराणसी स्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मठ में पूछताछ के लिए जा सकती है. उधर पुलिस की एक टीम दोनों नाबालिग बच्चों का भी कलम बंद बयान दर्ज करेगी. पुलिस ने रविवार को ही घटना स्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया है. उधर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में सरकार पर आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को हिस्ट्रीशीटर बताया।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों पर कहा कि शामली जिले के जिस कांधला थाने का उन्हें हिस्ट्री शीटर बताया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने चुनौती देते हुए कहा कि वर्तमान समय में वह किसी थाने या अदालत से साक्ष्य सार्वजनिक करें. जिससे यह साबित हो कि मैं हिस्ट्री शीटर हूं और मेरे खिलाफ इतने मुकदमे दर्ज हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इशारे पर उनके शिष्यों द्वारा मेरे ऊपर दर्ज 21 मुकदमों की एक सूची बनाई गई है. जिसमें कांधला थाने की मोहर भी लगाई गई है. उन्होंने कहा कि इस फर्जी लिस्ट को लेकर मैंने उसी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है.

