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    Home»देश»एक करोड़ रिश्वत मामले में सस्पेंड IAS अभिषेक प्रकाश बहाल
    देश

    एक करोड़ रिश्वत मामले में सस्पेंड IAS अभिषेक प्रकाश बहाल

    adminBy adminMarch 12, 2026No Comments20 Views
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    लखनऊ 12 मार्च। यूपी सरकार ने सस्पेंडेड IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को करीब 1 साल बाद बहाल कर दिया है। आरोप था कि उन्होंने अपने करीबी बाबू निकांत जैन के जरिए सोलर इंडस्ट्री प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता से 1 करोड़ रुपए का कमीशन मांगा था। न मिलने पर प्रोजेक्ट की फाइल रोक दी।

    बिजनेसमैन ने इसकी शिकायत योगी से की थी। सीएम ने STF से जांच कराने के बाद एक्शन लिया था। STF ने बाबू निकांत जैन को गिरफ्तार किया था। उसने भी कबूला था कि वह अभिषेक के कहने पर रिश्वत मांग रहा था। निकांत जैन ने गिरफ्तारी के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

    इसी साल 10 फरवरी को लखनऊ हाईकोर्ट में बिजनेसमैन अपनी बात से मुकर गए। कहा- उन्होंने शिकायत गलतफहमी के चलते दर्ज कराई। इसके बाद कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया। तब से ही अभिषेक की बहाली के कयास लगाए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि अभिषेक यूपी के दो सबसे ताकतवर एक सेवानिवृत्त और एक मौजूदा IAS अधिकारी के करीबी हैं, इसलिए उन्हें जल्द प्राइम पोस्टिंग मिल जाएगी।

    पूरा मामला
    रिश्वत मामले की एफआईआर 20 मार्च 2025 को गोमती नगर थाने में दर्ज की गई थी, जो एक कंपनी के प्रतिनिधि की तरफ से मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर आधारित थी. शिकायत में कहा गया था कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना की मंजूरी के लिए परियोजना लागत के 5 प्रतिशत की रिश्वत मांगी गई. निकांत जैन की तरफ से दलील दी गई कि आरोप अस्पष्ट, साक्ष्य विहीन और कंपटीशन व प्रशासनिक भ्रम का नतीजा है. साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि न तो कोई धनराशि दी गई, ना कोई संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति सौंपी गई, न ही किसी तरह की धमकी देने की भी बात सामने आई. इसके अलावा कहा गया कि कथित एक करोड़ रुपये नकद की कोई बरामदगी भी नहीं हुई.

    कौन हैं आईएएस अभिषेक प्रकाश
    बता दें कि अभिषेक प्रकाश 2006 बैच के आईएएस अधिकारी है. उनका जन्म 21 दिसंबर 1982 में हुआ था. बिहार के रहने वाले अभिषेक प्रकाश ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2005 पास करके आईएएस बने अभिषेक प्रकाश की ऑल इंडिया आठवीं रैंक थी. अभिषेक प्रकाश लखीमपुर खीरी, लखनऊ, हमीरपुर, बरेली और अलीगढ़ जिले में डीएम और कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

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