Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई
    • 37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण
    • संपत्ति विवाद को लेकर हुई मारपीट, हथौड़े से किया हमला
    • प्याज के दाम में तेजी फुटकर बाजार में कीमत 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंची
    • महिला आयोग की सदस्यों ने किया औचक निरीक्षण, सर्किट हाउस में की महिला जनसुनवाई
    • CM Yogi का बड़ा ऐलान: UP में अगले 6 माह में 1 लाख युवाओं को मिलेगी Sarkari Naukri
    • KGMU की डॉ. नीतू सिंह की बर्खास्तगी High Court ने रद्द की, बहाली का दिया आदेश
    • घुसपैठियों और भगोड़े अपराधियों पर अब होगी डबल स्ट्राइक! अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को दिये सख्त निर्देश
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण
    देश

    37 साल की देश सेवा के बाद भी भारतीय नागरिक होने का देना पड़ रहा प्रमाण

    adminBy adminAugust 26, 2026Updated:August 26, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    जालंधर, 26 अगस्त (ता)। भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट में 37 साल तक सेवाएं देने वाले कर्नल पीसी चौहान (75) को अब अपने वोट देने के अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका वोट विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान खारिज कर दिया गया। सेवानिवृत्त कर्नल चौहान 2009 से मतदान करते आ रहे थे। अब 2003 की मतदाता सूची में उनका रिकॉर्ड न होने के कारण उनसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। कर्नल चौहान ने कहा कि घर आए बीएलओ ने कहा कि 2003 के रिकॉर्ड में उनका नाम नहीं है और उनसे निर्धारित प्रपत्र भरने और दस्तावेज जमा करने को कहा। कर्नल चौहान ने पेंशन प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, बैंक दस्तावेज आदि उपलब्ध कराए। दस्तावेज जमा करने के लिए उन्हें एक स्कूल में बुलाया गया, जहां उन्हें गर्मी में काफी देर इंतजार करना पड़ा। फिर भी उन्होंने प्रक्रिया पूरी की। हालांकि, बाद में उनका आवेदन स्वीकार नहीं हुआ और वोट खारिज कर दिया गया। वह कहते हैं, जिस देश की रक्षा के लिए मैंने जिंदगी लगा दी, वहीं आज वोट के लिए इतनी परेशानी उठानी पड़ रही है।
    बेलारूस में राजदूत रहे रमेश चंदर अतिरिक्त दस्तावेज के साथ तलब बेलारूस में भारत के राजदूत रहे रमेश चंदर (75) को जालंधर में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस मिला है। एसआईआर के दौरान उनसे पात्रता और नागरिकता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए हैं। नोटिस 2003 की सूची में विवरण न मिलने के कारण जारी किया गया है। देओल नगर के निवासी चंदर को 27 अगस्त को निर्वाचन कार्यालय में अतिरिक्त दस्तावेज के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। सेवानिवृत्ति के बाद 2007 से लगातार जालंधर में मतदान किया है, फिर भी अब उनसे अतिरिक्त प्रमाण मांगे जा रहे हैं।
    2003 में जापान में दे रहे थे सेवाएं चंदर के मुताबिक, पंजाब में एसआईआर में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार माना जा रहा है। हालांकि, 2003 में वह जापान में भारत की राजनयिक जिम्मेदारी निभा रहे थे। ऐसे में उनका नाम उस समय की स्थानीय मतदाता सूची में नहीं होना स्वाभाविक है।

    Desh Even after 37 years of service to the nation jalandhar one is forced to provide proof of Indian citizenship. tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई

    August 26, 2026

    संपत्ति विवाद को लेकर हुई मारपीट, हथौड़े से किया हमला

    August 26, 2026

    प्याज के दाम में तेजी फुटकर बाजार में कीमत 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंची

    August 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.