नई दिल्ली, 19 मई (ता)। सुप्रीम कोर्ट ने गत दिवस मंदिर के पुजारियों और सेवादारों के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
याचिका में पुजारियों, सेवादारों और अन्य कर्मियों के वेतन व भत्ते एवं अन्य लाभों की समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि इस याचिका पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही पीठ ने याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता द्वारा बार बार मामले की सुनवाई करने का आग्रह करने पर पीठ ने कहा कि वह मंदिर के पुजारियों से जुड़े मामलों में दखल देने के पक्ष में नहीं है। याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की बात कही गई थी, ताकि ऐसे कर्मचारी गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। याचिकाकर्ता ने पीठ से कहा कि इस मामले का देशव्यापी प्रभाव हो सकता है।
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