मथुरा, 19 मार्च (जा)। बरेली हाईवे पर गत दिवस दोपहर दो बजे उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब छात्रों से भरी एक चलती स्कूली बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में सवार 38 बच्चों की जान कुछ ही मिनटों में खतरे में पड़ गई, लेकिन एसआइ की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। आग से बस जलकर खाक हो गई है। पुलिस ने बच्चों को दूसरे वाहन से घर भिजवाया है।
बलदेव पब्लिक स्कूल बलदेव की बस सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा देकर केंद्रीय विद्यालय मथुरा से छात्रों को लेकर लौट रही थी। जैसे ही बस रिफाइनरी क्षेत्र के बाद गांव के पास बरेली हाईवे पर चढ़कर करीब तीन किलोमीटर आगे बढ़ी, अचानक बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कुछ ही पलों में बस आग की चपेट में आ गई।
पीछे चल रहे मांट थाने के एसआइ सत्येंद्र सिंह ने खतरे को भांपते ही बिना देर किए अपनी कार बस के आगे लगाकर उसे रुकवाया। उनकी यह तत्परता ही 38 मासूम जिंदगियों के लिए ढाल बन गई। बस रुकते ही चालक ने पीछे देखा तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। अफरा-तफरी के बीच सभी छात्रों को बस से बाहर निकाला गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की तेजी और समझदारी के चलते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना पर अग्निशन कर्मियो ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। घटना से आसपास दहशत का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। आग से बस जलकर खाक हो गई है। पुलिस ने बच्चों को दूसरे वाहन से घर भिजवाया है।
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