नई दिल्ली, 31 मार्च (जा)। हर साल 31 मार्च को वर्ल्ड बैकअप डे सेलिब्रेट किया जाता है। इसका मकसद यूजर्स को अपने जरूरी डिजिटल डेटा जैसे फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट आदि को सेफ रखने के लिए अवेयर करना है। हालांकि, साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर डेटा को क्लाउड पर स्टोर करना सेफ नहीं है। जी हां, कुछ सेंसिटिव जानकारियां ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी भी क्लाउड पर नहीं रखना चाहिए। इन्हें क्लाउड पर रखने से जोखिम बढ़ सकता है।
हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चलता है कि बड़ी संख्या में कई यूजर्स को अचानक डिवाइस खराब होने, गलती से डेटा डिलीट होने या साइबर अटैक के कारण नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में डेटा को कहीं बैकअप करना जरूरी हो जाता है, लेकिन इसे सही तरीके से बैकअप करना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
फाइनेंशियल डेटा
बैंक डिटेल्स, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स, टैक्स रिटर्न या इन्वेस्टमेंट से जुड़ी डिटेल्स भी क्लाउड पर सेव न करें। ये डेटा लीक होने पर आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। हैकर्स इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए भी कर सकते हैं।
मेडिकल रिकॉर्ड्स
हेल्थ से जुड़ी डिटेल्स अगर गलत हाथों में पहुंच जाए तो इसका इस्तेमाल भी धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा सकता है। इसलिए इस तरह की जानकारी भी क्लाउड पर सेव न करें।
लीगल डाक्यूमेंट्स
खास लीगल डाक्यूमेंट्स चोरी होने पर उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है और आपको कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस तरह के लीगल डाक्यूमेंट्स भी क्लाउड पर अपलोड न करें।
बिजनेस सीक्रेट्स
कंपनी के कॉन्फिडेंशियल डाक्यूमेंट्स, पेटेंट, फॉर्मूले या क्लाइंट डेटा भी कभी क्लाउड पर सेव न करें। ऐसा डेटा लीक होने पर भारी नुकसान हो सकता है और आपके कॉम्पिटिटर्स को इसका फायदा मिल सकता है।
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