मेरठ 20 जुलाई (प्र)। अगले माह सोहराब गेट डिपो दो जगह शिफ्ट होगा। बसों को मेरठ डिपो से निकाला जाएगा और खड़ा किया जाएगा, बसों की मरम्मत भी होगी मेरठ डिपो में और डीजल भी वहीं से मिलेगा, लेकिन बसों का संचालन लोहियानगर में बनाए जा रहे अस्थाई बस अड्डे से किया जाएगा। लोहियानगर में कैश की सुरक्षा को लेकर खतरा मानते हुए यूपी रोडवेज के अधिकारियों ने यह कदम उठाया है। बसों के टिकटों से प्राप्त होने वाला पैसा भी मेरठ डिपो में जमा होगा। इसके लिए मेरठ डिपो में कैश रूम बनाया जाएगा। दरअसल, सोहराब गेट डिपो को पीपीपी मॉडल के तहत शॉपिंग मॉल बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को लीज पर दिया जाएगा।
हालांकि इस नौ मंजिला मॉल में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर सोहराब गेट डिपो का संचालन होगा। इसके लिए प्राइवेट कंपनी ने दो वर्ष का समय मांगा है। ऐसे में यहां से बसों का संचालन यहां से नहीं हो पाएगा। सोहराब गेट डिपो में ही डिपो की कार्यशाला के साथ साथ क्षेत्रीय कार्यशाला भी है, जिसमें अन्य डिपो की मरम्मत की जाती है। बस अड्डे और कार्यशाला को करीब दो साल के लिए अन्यन्त्र शिफ्ट किया जाएगा। सोहराब गेट डेपो में कुल 257 बसें हैं, इनके संचालन के लिए बड़ी जगह की जरूरत है तब तक सोहराब गेट डिपो को दो जगह अस्थाई रूप से शिफ्ट किया जाएगा।
बसों के संचालन के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण से 9400 वर्ग मीटर भूमि किराये पर ली गई। अड्डे के लिए एमडीए ने एक लाख रुपये प्रति वर्ष का किराया निर्धारित किया है। यूपी रोडवेज ने एक वर्ष का किराया एमडीए को दे दिया है। कब्जा मिलने के बाद यूपी रोडवेज ने उक्त भूमि को समतल कराना शुरू कर दिया है। इसके बाद लोहे के पिलरों पर टीन शेड डालकर एआरएम दफ्तर बसों के प्लेटफार्म आदि के लिए चबूतरे, टीइम कीपर रूम और शौचालय आदि की व्यवस्था स्वयं की जाएगी। लोहियानगर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूपी रोडवेज के अधिकारियों के मन में शंका है। इसलिए लोहियानगर के अस्थाई बस अड्डे से बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि आधे डिपो को एनसीआरटीसी द्वारा यूपी रोडवेज को वापस की गई क्षेत्रीय कार्यशाला व मेरठ डिपो की कार्यशाला की करीब 4200 वर्ग मीटर भूमि पर सोहराब गेट डिपो की बसों को खड़ा किया जाएगा। रूट पूरा करने के बाद सोहराब गेट डिपो की बसें वापस मेरठ डिपो की उक्त भूमि पर आकर खड़ी होंगी और उन्हें यहां से कंडक्टर व ड्राइवर बैग लेकर जाएंगे। रूट से लौटने के बाद बसों के टिकटों की बिक्री का कैश भी यहीं जमा होगा। यहां चार शेड में बसों की पार्किंग होगी। यहीं पर बसों की मरम्मत होगी और यहीं बसों को डीजल मिलेगा। यहां भी एआरएम आफिस, बैग रूम, ई टिकटिंग मशीन रूम, स्टोर आदि दफ्तर खोले जाएंगे। यहां करीब सौ बसें खड़ी हो सकेंगी।
वहीं, इस संबंध में सोहराब गेट डिपो के एआरएम राजीव कुमार का कहना है कि लोहियानगर की भूमि से केवल बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि मेरठ डिपो की कार्यशाला और क्षेत्रीय कार्यशाला में ही सोहराब गेट डिपो की बसें इन और आउट होंगी। सोहराब गेट डिपो को दो भागों में शिफ्ट किया जाएगा। अगले माह बस अड्डे को दोनों जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।
सोहराब गेट डिपो की महत्त्वपूर्ण जानकारी
डिपो में निगम की 206 बसें हैं।
अनुबंधित 51 बसें है।
हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, बदायू हल्द्वानी, काशीपुर के लिए होता है बसों का संचालन।
लोहियानगर में 9400 वर्ग मी. जगह में बन रहा अस्थाई बस अड्डा, जहां सौ बसे एक साथ खड़ी हो सकेगी।
मेरठ डिपो में भी बनेगा अस्थाई बस अड्डा, जहां 60 बसें खड़ी हो सकेंगी।
मेरठ डिपो में होगी बसों की मरम्मत यहीं मिलेगा डीजल।

