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    Home»देश»दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे शुरू होने से सिवाया टोल को रोज 10 लाख का घाटा
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    दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे शुरू होने से सिवाया टोल को रोज 10 लाख का घाटा

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 5, 2026No Comments48 Views
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    मेरठ 05 जून (प्र)। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने का सीधा असर एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से कारों की संख्या में आई कमी के कारण टोल प्लाजा के राजस्व में गिरावट दर्ज की जा रही है। गर्मी के सीजन में जहां सिवावा टोल प्लाजा पर प्रतिदिन करीब 65 लाख रुपये का टोल संग्रह होता था, वहीं अब घटकर लगभग 55 लाख रुपये रह गया है। यानी प्रतिदिन करीब 10 लाख रुपये की कमी दर्ज की जा रही है।

    जानकारों के अनुसार, पहले दिल्ली से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले अधिकांश यात्री एनएच-58 का उपयोग करते थे। इनमें बड़ी संख्या निजी कारों की होती थी, जिससे सिवाया टोल प्लाजा पर अच्छा राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन अबदिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद कार चालक नए मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर यात्रा समय कम होने, ट्रैफिक जाम से राहत मिलने और बेहतर सड़क सुविधाओं के कारण अधिकांश र सवार यात्री अब पुराने हाईवे की बजाय सीधे एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि सिवाया टोल प्लाजा से गुजरने वाली कारों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ गई है।

    प्लाजा के उप महाप्रबंधक टोलवे कंपनी ब्रजेश सिंह का कहना है कि कार श्रेणी के वाहनों से होने वाली आय में सबसे अधिक गिरावट आई है। सप्ताहांत, छुट्टियों और पर्यटन सीजन में पहले बड़ी संख्या में वाहन सिवाया टोल से गुजरते थे, लेकिन अब उनका रुख एक्सप्रेसवे की ओर हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली- देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह संचालित होने के बाद एनएच-58 पर ट्रैफिक का दबाव और कम हो सकता है। इससे सिवाया टोल प्लाजा के राजस्व के साथ-साथ हाईवे किनारे के व्यवसायों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। वहीं यात्रियों को तेज सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का लाभ मिल रहा है, जिससे नए एक्स्प्रेसवे की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

    टोल संचालन का अनुबंध 23 जून को खत्म होगा
    सिवाया टोल प्लाजा पर वर्तमान टोल संचालन का अनुबंध 23 जून को समाप्त हो रहा है। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा नई निविदा (टेंडर जारी की जाएगी। निविदा प्रक्रिया गा कि आगामी पूरी होने के बाद यह तय होगा अवधि के लिए टोल संचालन की जिम्मेदारी किस कंपनी को सौंपी जा सकती है। सभी की नजर एनएचएआई की टेंडर प्रक्रिया और नई कंपनी के चयन पर टिकी है।

    जुलाई में फिर बढ़ेंगे टोल के रेट
    हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी टोल प्लाजा पर वाहनों के टैक्स के दामों में बढ़ोतरी होगी क्योकि पहले किस कंपनी को इसका टेंडर मिलेगा ये प्रक्रिया पूरी होगी उसके बाद शुल्क में बढ़ोतरी होगी।

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