लखनऊ 28 फरवरी। बहुचर्चित शाइन सिटी घोटाले के मुख्य आरोपित और समूह के निदेशक राशिद नसीम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी राशिद पर निवेशकों के लगभग 1050 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर आरोपित को गिरफ्तार कर भारत भेजने के लिए केंद्र ने यूएई को अंतिम प्रत्यर्पण डोजियर सौंपा था।
राशिद ने शाइन सिटी समूह के नाम पर निवेशकों को जमीन, रिहायशी प्लाट और ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर कई फर्जी निवेश योजनाएं शुरू की थीं। इन योजनाओं में उसने हजारों निवेशकों से राशि लेने के बाद भी उन्हें न तो जमीन दी और न ही निवेश पर रिटर्न दिया। निवेशकों की रकम से कई भूखंड, फ्लैट, आभूषण, लग्जरी गाड़ियां खरीदी और अन्य स्थानों पर निवेश किया। ठगी के शिकार पीड़ितों की शिकायत पर बिहार व उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर सहित कई जिलों में उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में 606 एफआइआर दर्ज की गई थीं।
ईडी ने जांच के बाद अभी तक शाइन सिटी समूह की लगभग 267 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित संपत्ति को अटैच किया है। उसका भाई आसिफ नसीम सहित आठ सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन राशिद नेपाल के रास्ते यूएई भागने में सफल रहा था। वह यूएई से ही कई संपत्तियां बेच रहा था।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उसे कई बाद नोटिस भेजा था, लेकिन वह पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश नहीं हुआ। नतीजतन उसके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया और आठ दिसंबर 2022 को लखनऊ की विशेष अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। ईडी के अनुरोध पर 14 दिसंबर 2023 को इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। इस मामले में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के तहत भारत सरकार ने दिसंबर 2025 में यूएई को औपचारिक अनुरोध भेजा था और 29 जनवरी 2026 को अंतिम प्रत्यर्पण डोजियर सौंपा था। यूएई में आरोपित की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाया जाएगा।

