फर्जी और डबल वोट बनवाने वालों की छंटाई के लिए शुरु अभियान एसआईआर का नेता भले ही कुछ भी कह रहे हो लेकिन आम आदमी विरोध नहीं कर रहा है। लेकिन अब जो वोटों को लेकर नोटिस जारी और उनकी सुनवाई के लिए प्रक्रिया अपनाई गई है वो नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। जिसमें सुधार की बड़ी आवश्यकता जो महसूस की जा रही है उसे देशभर में भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयुक्त के द्वारा शीघ्र निर्णय लेकर नागरिकों को रियायत और सुविधाएं तथा अलग अलग विधानसभाओं में रहने वालों को जो नोटिस दिए गए हैं उनकी सुनवाई भी एक विधानसभा क्षेत्र में चार जगह करने की व्यवस्था की जाए जिससे परेशान मतदाताओं को कोई समस्या ना हो। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह विभिन्न राज्यों में एसआईआर के दौरान विसंगतियों या त्रुटि की सूची में जारी ना हो तो ग्राम पंचायत कार्यालय या ब्लॉक में प्रदर्शित करें जहां आपत्तिया व दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।
मुझे लगता है कि जिलों में जिन मतदाताओं को एसआईआर के नोटिस देकर सुनवाई के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं वो इनकी संख्या और भीड़ को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त नहीं कहे जा सकते। अगर अपने शहर की बात देखें तो जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह द्वारा तहसील परिसर में तीन विधानसभा क्षेत्रों की सुनवाई के कारण समस्या हो सकती है। जिसमें सुधार कराकर मतदाताओं को राहत दिलाई जाएगी अपने आप में रचनात्मक सोच है। मेरा मानना है कि तीनों विधानसभा क्षेत्रों की मेरठ तहसील में सुनवाई हो रही है। उनमें अलग अलग विधानसभा क्षेत्र में चार चार स्थानों पर इन नोटिसों की सुनवाई की जाए क्योंकि तहसील मेरठ में दक्षिण विधानसभा के मतदाताओं की सुनवाई नए हॉल में तथा मेरठ शहर और कैंट की सुनवाई तहसील दिवस वाले हॉल में कराई जा रही है जिसे उपयुक्त व्यवस्था नहीं कह सकते। यहां बुजर्ग व महिला मतदाताओं के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। बढ़ती भीड़ के चलते हर व्यक्ति का नंबर एक दिन में आ जाएगा ऐसा नही लगता जबकि लोगों को अलग अलग दिन बुलाया जा रहा हैं। यहां दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बीस से ज्यादा सहायक मतदाता रजिस्टर अधिकारियों को लगाया गया है जो समय से काम नहीं निपटा रहे हें। सरस्वती लोक निवासी ७६ साल के हरिभूषण व गौतम नगर निवासी प्रीतम आदि जैसे सैंकड़ों नागरिक ऐसे है जो नोटिस का जवाब और पत्रावली उपलब्ध कराने के लिए तहसील पहुंच रहे हैं। लंबी लाइन में खड़े होकर परेशान हो चुके नागरिकों के बैठने के लिए कुर्सी भी उपलब्ध नहीं है। आज तो मौसम फिर भी ठीक था लेकिन बारिश से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। एसआईआर के नोटिस की सुनवाई को आने वालों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण न बने इस हेतु हर विधानसभा की तीन तीन जगह सुनवाई की व्यवस्था हो जिससे नागरिक यहां होने वाली परेशानी से बचे रहें। कोई शिकायत नहीं मिली है लेकिन चर्चा है कि तहसील में कुछ दलाल भी सक्रिय हो गए हैं जिनके लोग बताते हैं कि पैसे खर्च करो तो बिना कष्टों के तुम्हारा समाधान हो जाएगा। ऐसी चर्चा को ध्यान में रखते हुए अगर बीएलओ को घर घर भेजकर या एक स्थान पर बैठाकर समाधान कराया जाए तो जनहित में होगा।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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