गांव की पगडंडियों पर दौड़ लगाने से खेल प्रेमी कबडडी खिलाड़ी अनुष्का के परिजनों ने भी नहीं सोचा होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर कबडडी खेल चुकी उनकी बेटी को थोड़े से रुपये के लिए ईट मारकर हत्या कर नाले में डाल दिया जाएगा। ३३ दिनों तक पुलिस के चक्कर लगाने के बाद जब कबडडी खिलाड़ी अनुष्कार उर्फ रिया का शव मिला तो वो स्थिति में था कि उनकी मां अपनी बेटी को नहीं पहचान पाई। गांव चिरौड़ी निवासी नेमपाल अनुष्का के पिता का कहना है कि १५ अप्रैल से अनुष्का लापता थी। २८ अप्रैल को लिखित शिकायत दी गई। पता चला कि फास्ट फूड विक्रेता श्याम धानक पर शक जाहिर हुआ तो यह मामला परत दर परत खुलता चला गया। इस पूरे प्रकरण में अगर क्षेत्र की पुलिस थोड़ी अहतियात बरती व सक्रियता दिखाती तो उक्त घटना एक दो दिन में ही खुलकर सामने आ सकती थी क्योंकि अनुष्का के संदर्भ में पहले ही फास्ट फूड विक्रेता का नाम बता दिया गया था लेकिन पुलिस की लापरवाही से यह मामला इतने दिनों बाद खुला। अवशेष देखकर बेटी को मां नहीं पहचान पाई तो अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर शव की स्थिति क्या रही होगी। अनुष्का हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है लेकिन सवाल उठता है कि हत्या के पीछे क्या कारण रहा क्योंकि ३६०० रुपये के लिए इतने घिनौनी तरीके से हत्या नहीं की जाती। परिजनों की इस बात से हर कोई सहमत होगा। खुद आसपास के लोगेां को भी यह विश्वास नहीं हो रहा है कि अनुष्का ने रुपये उधार लिए होंगे क्योंकि उनका कहना है कि उक्त दुकानदार बीस रुपये भी उधार नहीं करता तो ३६०० रुपये कैसे उधार कर लिए होंगे। इस प्रकरण में ग्रामीणों द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। मुझे लगता है कि इस पर उच्चाधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। बताते हैं कि थाना दौराला के चिरौड़ी गांव के नेमपाल की बेटी जानी मानी कबडडी खिलाड़ी अनुष्का शोभापुर में नरेश के मकान पर किराए में रहती थी। १५ साल का भाई अनमोल व मां भी साथ रहते थे। वह रोहटा रोड की एक एकेडमी में प्रैक्टिस करने जाती थी और १५ अप्रैल से गायब थी। १८ अपै्रल को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। तब पुलिस सक्रिय हुई और श्याम धानक को गिरफ्तार किया गया। यह घटना शोभापुर पुलिस चौकी से महज १५० मीटर की दूरी पर हुई और पुलिस को आभास नहीं हो गया यह वाकई पुलिस के लिए शर्म की बात तो होनी ही चाहिए जो इस बात के लिए दोषी है। नेमपाल अपनी बेटी को मिले मेडल दिखाते हुए यक कहते नहीं थकते कि बेटी को ओलंपिक में तिरंगा फहराते देखना सपना था। सरधना विधायक अतुल प्रधान द्वारा युवती के परिवार को मदद दी गई। अनुष्का के हत्यारे को कितनी सजा मिलेगी यह अलग बात है लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर बेटी को उच्च स्तरीय खिलाड़ी बनाने के लिए प्रयासरत परिवार के सामने कठिनाई उत्पन्न हो गई है। परिवार को अनुष्का से बहुत उम्मीद थी क्यों कि वह आगे बढ़ने में विश्वास रखती थी। १७ साल की उम्र में राष्ष्ट्रीय स्तर पर कबउडी खेली और आगे चलकर परिवार की खुशी का माध्यम बन सकती थी। फिलहाल लोगों की भावना से मैं भी सहमत हूं कि अनुष्का के परिवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पीड़ित परिवार को आंसू पोछने का प्रयास करना चाहिए। उन्हें सांत्वना देने के साथ ही एक परिवार की राष्ट्रीय खिलाडी की हत्या हुई। पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। इसलिए एक करोड़ का मुआवजा और बालिग होने पर उसके भाई को सरकारी नौकरी दी जाए और इतने अनुष्का के पिता को रोजी रोटी जुटाने के लिए काम दिया जाए। पीएम मोदी और सीएम योगी खिलाड़ियों को हर तरह से बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं इसे ध्यान रखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि अनुष्का के परिवार को मदद देकर उनके आंसू पोछने की कोशिश सरकार जरुर करेगी। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को इस प्रकरण में अनुष्का के परिवार को सरकार से मदद दिलाने में योगदान करना चाहिए। क्योंकि मानवीय दृष्टिकोण से यह वक्त की सबसे बड़ी मांग है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा को दिया पद्मश्री अवॉर्ड
- FIFA World Cup 2026 : मेसी-रोनाल्डो की टीमें नॉकआउट चरण में आमने सामने होंगी
- ‘एलायंस’ का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज
- माता वैष्णों देवी दर्शनार्थियों की संख्या 50.70 लाख पहुंची
- दिल्ली से अमृतसर आ रहा एयर इंडिया का विमान पाकिस्तान पहुंचा, चेतावनी पर लिया यू टर्न
- लू का प्रकोप पूर्वी उत्तर प्रदेश में जारी
- शहर में होगा आचार्य सौरभ सागर का चातुर्मास
