औरंगाबाद 01 जुलाई। बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार की सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग पर तामसी मोड़ के समीप बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 15 फीट नीचे नहर में जा गिरी. हादसे में 13 बच्चे घायल हो गए, जबकि तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और सभी को इलाज के लिए कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीन बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया.
घायलों में मीरपुर गांव निवासी अमित पासवान की पुत्री 11 वर्षीय साक्षी कुमारी, कुटुंब बाजार निवासी गोपाल शरण की पुत्री 12 वर्षीय साक्षी कुमारी, गौतम कुमार का पुत्र आदित्य राज (12 वर्ष), सिकरिया निवासी आरबी प्रताप (5 वर्ष), कुटुंबा निवासी ओमप्रकाश मालाकार की पुत्री अमी कुमारी (12 वर्ष), प्रदीप कुमार का पुत्र लकी राज सैनिक (12 वर्ष), मीरपुर निवासी कुमार सुगंध आर्यन (8 वर्ष), उसकी बहन सृष्टि कुमारी (5 वर्ष), हर्ष कुमार (12 वर्ष), महुआ धाम निवासी आयुष कुमार (10 वर्ष), अक्षय कुमार (7 वर्ष), मिर्जापुर निवासी वैभव गौरव (6 वर्ष), मौली कुमारी (7 वर्ष), आबिद राजा (13 वर्ष) तथा अमित कुमार (7 वर्ष) शामिल हैं.
चिकित्सकों ने बताया कि सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि आरबी प्रताप, हर्ष कुमार और मौली कुमारी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया है.
जानकारी के अनुसार, अंबा स्थित संत जेवियर हाई स्कूल की मैजिक वैन कुटुंबा, लखना, महुआ धाम और मीरपुर गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. तामसी मोड़ के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वैन सीधे नहर में पलट गई. हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए.
हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया. उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के परिवहन के लिए पुराने और जर्जर वाहनों का उपयोग करता है. इतना ही नहीं, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को एक ही वाहन में बैठाया जाता है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. अभिभावकों का कहना है कि इससे पहले भी स्कूल वाहनों से जुड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल प्रबंधन और फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

