लखनऊ, 08 जून (ता)। गाजीपुर के कमलेश बिंद एनकाउंटर ने प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। मुठभेड़ को लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी तो पहले से ही सरकार को घेर रही है, अब सरकार में शामिल निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने गत दिवस इस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने गाजीपुर पुलिस को खुद पर रासुका लगाने की चुनौती दी है। साथ ही, यह कहकर गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चाओं को जन्म दे दिया है कि श्हम सरकार के साथ अपने समाज की रक्षा के लिए खड़े हैं, लेकिन यदि आप रक्षक के बजाय भक्षक बनकर कार्रवाई करेंगे, तो हमें इस विषय पर विचार करना होगा। वहीं शाम को मत्स्य मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में संजय निषाद ने कहा कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद मुख्य आरोपित नहीं था। यदि एनकाउंटर करना ही था, तो मुख्य आरोपित के साथ किया जाना चाहिए था। गाजीपुर पुलिस को जवाब देना होगा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में किया गया? कमलेश बिंद की पत्नी कह रही है कि उसके सामने पति को थाने में मारा-पीटा गया और बाद में ले जाकर मुठभेड़ का रूप दे दिया गया। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुठभेड़ के बाद हुए बवाल को लेकर कहा कि स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) क्या कर रही थी? शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? गाजीपुर पुलिस के सभी पर रासुका लगाने के बयान पर कहा कि सबसे पहले मुझ पर रासुका लगाकर दिखाइए। आप कितनी रासुका लगाएंगे ? उत्तर प्रदेश की जेलें छोटी पड़ जाएंगी। हाल ही में विश्वकर्मा मामले में पुलिस पर पथराव हुआ था, तब रासुका क्यों नहीं लगाई ? क्या केवल इसलिए कि हम निषाद-बिंद समाज से हैं, आप कार्रवाई करेंगे? क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के समय भी अंग्रेजों ने हमारे समाज के साथ ऐसा ही अन्याय किया था। आवश्यकता पड़ी तो मैं स्वयं न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगा।
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