लखनऊ 16 मार्च। प्रदेश में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति और अभिभावकों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता के भुगतान में जिलों की गंभीर लापरवाही सामने आई है दिसंबर में बजट जारी होने के बावजूद अधिकांश जिलों ने अभी तक इसका उपयोग नहीं किया है। शासन की सख्ती के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। 13 मार्च तक प्रदेश के केवल चार जिलों मैनपुरी, प्रतापगढ़, बलिया और प्रयागराज ही ऐसे हैं
जिन्होंने सभी स्कूलों को शत प्रतिशत फीस प्रतिपूर्ति कर दी है आरटीई के तहत निजी विद्यालयों को प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र के लिए 450 रुपये प्रति माह की प्रतिपूर्ति दी जाती है। इसके अलावा छात्रों के अभिभावकों को किताब, स्टेशनरी आदि के लिए 5000 रुपये सालाना की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग ने दिसंबर में ही जिलों को बजट जारी कर दिया था ताकि समय पर विद्यालयों और अभिभावकों को भुगतान किया जा सके, लेकिन अधिकांश जिलों में प्रगति बेहद धीमी है।
अब 19 जिलों गौतमबुद्धनगर, बांदा, सुल्तानपुर, बुलंदशहर, सीतापुर, बागपत, कुशीनगर, बस्ती, गाजियाबाद, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, मेरठ, अमेठी, सिद्धार्थनगर, कन्नौज, आजमगढ़ और संतकबीरनगर ने आंशिक भुगतान किया है।
बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को पत्र भेजकर इस पर नाराजगी जताई है और तत्काल बजट का उपयोग कर भुगतान की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा 16 मार्च को इस मामले की समीक्षा करेंगे।
सिर्फ गौतमबुद्धनगर ने दी पूरी वित्तीय सहायता
अभिभावकों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में भी स्थिति चिंताजनक है। केवल गौतमबुद्धनगर जिले ने 100 प्रतिशत भुगतान किया है, जबकि 11 जिलों ने आंशिक भुगतान किया है। शेष 63 जिलों में अभी तक अभिभावकों को यह सहायता नहीं मिली है।
तीसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 तक, 27 को निकलेगी लॉटरी
प्रदेश में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन का आखिरी चरण शुरू हो गया है। तीसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 मार्च तक किए जा सकेंगे जबकि लॉटरी 27 मार्च को होगी। पहले और दूसरे चरण में 1.56 लाख बच्चों को निजी विद्यालयों में सीट आवंटित की गई है। इनकी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा है कि आरटीई से निजी विद्यालयों में सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन की जा रही है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि आरटीई के पहले दो चरणों मैं लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर आदि जिलों में सर्वाधिक सीटों का आवंटन हुआ है। उन्होंने बताया कि आरटीई के आवेदन और अन्य जानकारी के लिए अभिभावक पोर्टल 25.upsdc.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

