बागपत 20 जुलाई। कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे और मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे समेत कई मार्गों पर 30 जुलाई से भारी वाहन, छह अगस्त से छोटे वाहनों के पहिए थम जाएंगे। वाहनों को निकालने के लिए रूट डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है। इस बार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहन चलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को जाने नहीं दिया जाएगा।
हरिद्वार और गोमुख से कांवड़ लेकर आने वाले लाखों कांवड़िए जिले के विभिन्न मार्गों से अपने गंतव्य की तरफ रवाना होते हैं। इस दौरान हल्के और भारी वाहनों के संचालन से हादसे का खतरा भी बना रहता है। इसके लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। पुलिस का अनुमान है कि हरिद्वार, गोमुख से आने वाले कांवड़िए 30 जुलाई से जिले में पहुंचने लगेंगे। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए 30 जुलाई से भारी वाहनों का संचालन रोक दिया जाएगा।
इसके अलावा मेरठ-बागपत हाईवे पर भी वाहनों को रोका जाएगा। इसके बाद छह अगस्त को हल्के वाहनों को रोकने की तैयारी की गई है। पुलिस अफसरों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ मार्गों की सूची से बाहर रखा है। कांवड़ यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे से भारी और हल्के वाहनों को भेजा जा सकता है, जिससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
पुरा महादेव मंदिर परिसर में नौ से 12 अगस्त तक चार दिवसीय श्रावणी मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी कांवड़ मार्गों और मेला परिसर में कांवड़ियों के वेश में भी तैनात रहेंगे, जो असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात संचालन को लेकर जिले के पुलिस अफसरों ने हरियाणा के सोनीपत, पानीपत के अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन प्लान पर चर्चा की गई। साथ ही भारी वाहनों को रोकने में सहयोग की अपील भी की गई।
पुलिस अफसरों ने अलग-अलग थानाक्षेत्रों में मीट कारोबारियों और होटल संचालकों के साथ बैठक की। कांवड़ यात्रा शुरू होने पर मीट की दुकानें और होटल बंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही दुकानें खोलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके चलते गौरीपुर मोड़, बड़ौत समेत अन्य जगहों पर दुकानें बंद कराई गईं।

