कोलकाता, 25 जून (ता)। कोलकाता के तारतला इलाके में गत दिवस दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने निर्माण क्षेत्र की सुरक्षा और मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की लीज-होल्ड प्रॉपर्टी पर बन रहे तीन मंजिला वेयरहाउस (गोदाम) की इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 17 मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया है।
ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर स्थित इस साइट पर निर्माण कार्य जोरों पर था। अधिकारियों के मुताबिक, यह जमीन श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के अधीन है और इसे लीज पर दिया गया था। चश्मदीदों ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था, जबकि पहली और दूसरी मंजिल का आरसीसी ढांचा पहले ही खड़ा किया जा चुका था। फायर विभाग के अनुसार, जब छत की ढलाई (कास्टिंग) का काम चल रहा था, तभी लोहे के भारी बीम और कंक्रीट का पूरा ढांचा भरभरा कर गिर गया, जिसके नीचे वहां काम कर रहे कई मजदूर दब गए।
इस हादसे ने रियल एस्टेट और निर्माण प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता की भारी अनदेखी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में लंबे समय से अवैध निर्माण चल रहा था, जबकि फायर विभाग के अधिकारी ने सीधे तौर पर घटिया सामग्री (सबस्टैंडर्ड मटेरियल) के इस्तेमाल की बात कही है। मौके पर मौजूद कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों और एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर ने प्रथम दृष्टया डिजाइन और निर्माण में भारी खामी की आशंका जताई है। इंजीनियर के मुताबिक, लोहे के बीम इतने मजबूत नहीं थे कि वे ऊपर की कंक्रीट का भारी वजन झेल सकें, और ढलाई को सपोर्ट देने के लिए जरूरी श्ब्रेसश् भी नहीं लगाए गए थे। अब यह जांच का विषय है कि क्या इस डिजाइन को नगर निगम से मंजूरी मिली थी या नहीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की पूर्वी कमान, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटी है। कंक्रीट और लोहे को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है और वर्टिकल ड्रिलिंग के जरिए फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है। मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स और ओवरहेड ड्रोन की मदद भी ली जा रही है।
बचाए गए सभी 18 लोगों को एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है, जिनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। न्यूरोलॉजिस्ट और ऑर्थाेपेडिक डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी है। राज्य सचिवालय ने इस घटना को लेकर कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं। लोग जानकारी के लिए 1070, 8697981070, 033-22143526 और 033-22535185 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे और मंत्री इंद्रनील खान घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भाजपा नेता राकेश सिंह भी वहां मौजूद थे। मंत्री इंद्रनील खान ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पहली प्राथमिकता जिंदगियां बचाना है, लेकिन इस निर्माण कार्य में हुई हर प्रकार की अनियमितता की गहराई से जांच की जाएगी।
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