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    Home»देश»सहमति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार रेप का अपराध नहींः कोर्ट
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    सहमति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार रेप का अपराध नहींः कोर्ट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJanuary 16, 2026No Comments6 Views
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    प्रयागराज 16 जनवरी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना अपराध है लेकिन सहमति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इनकार करना रेप का अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने को साबित किए बगैर किसी को अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने अभिनाश शर्मा उर्फ अविनाश शर्मा की याचिका पर उसके अधिवक्ता प्रशांत सिंह रिंकू व अन्य और सरकारी वकील को सुनकर दिया है।

    कोर्ट ने अभिनाश शर्मा उर्फ अविनाश शर्मा की याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सहमति से बालिग लड़की ने चार महीने में दो बार शारीरिक संबंध बनाया और बाद में शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर आपराधिक केस दर्ज कराया, इससे शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना साबित नहीं होता। एफआईआर में कोई भी आरोप एससी/एसटी एक्ट के अपराध का नहीं है और धमकी देने का भी नहीं है। ऐसे में आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

    याची के खिलाफ आजमगढ़ के बिलरियागंज थाने में शादी का झूठा वादा कर रेप का आरोप लगाते हुए एससी/एसटी एक्ट के अपराध की एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट प्रशांत सिंह रिंकू का कहना था कि याची पर सभी आरोप सही मान लिए जाएं तो भी उसके विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता। पीड़िता बालिग है व सहमति से शारीरिक संबंध बने हैं, जो अपराध की श्रेणी में नहीं आता। शेष निराधार आरोप लगाए गए हैं। सरकारी वकील ने कहा शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध है।

    कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों पर विचार करते हुए कहा कि रेप का आरोप संदेह से परे साबित होना जरूरी है। शुरू से ही मंशा गलत होनी चाहिए। पीड़िता ने स्वयं चार महीने से शारीरिक संबंध स्वीकार किया है। यह सबूत नहीं है कि शुरू में ही शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए गए। यदि सहमति से शशारीरिक संबंध बने हैं और बाद में अनबन के कारण रेप का आरोप लगाने से अपराध नहीं होगा।

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