चंदौली 12 मई। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में 24 घंटे में तीन हत्याओं को अंजाम देने वाले साइको किलर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। रात करीब 11 बजे दरियापुर में सीन रीक्रिएशन के दौरान वह पुलिस की पिस्टल छीनकर भाग रहा था। आरोपी के सीने और पेट में दो गोलियां लगी हैं। इस दौरान एसआई और जीआरपी सिपाही घायल हुए हैं।
डीआईजी वाराणसी रेंज वैभव कृष्ण के मुताबिक, अमृतसर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पहली वारदात रविवार सुबह 6.45 पर पैसेंजर ट्रेन में अंजाम दी थी। जिसमें आरोपी ने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर गाजीपुर के रहने वाले 34 साल के मंगरू की हत्या कर दी थी। इसके बाद वो 10 मई की रात 1:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार हुआ और बिहार के गया के दिनेश साहू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इस घटना के बाद वो पैदल घूमता रहा, सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे मुगलसराय के जीवक अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टर से इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाई और उसके बाद वार्ड में घुस गया। वहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर पर रिवॉल्वर रखकर गोली चला दी। वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को वॉर्ड बॉय और बाकी लोगों ने पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद किए थे।
आरोपी ने तीन हत्याएं करने की बात कबूली थी। पूछताछ में सामने आया था कि गुरप्रीत सिंह ने 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी। 29 अप्रैल को नौकरी के लिए पंजाब से बिहार के आरा गया था। वहां शराब की लत के कारण उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाल दिया था। वह 9 मई को ट्रेन से प्रयागराज गया और फिर चंदौली आ गया। रविवार सुबह 7 बजे गुरप्रीत सिंह चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। कुचमन स्टेशन से पहले किसी बात पर यात्री मंगरू से उसकी कहासुनी हो गई। गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
ताजपुर गांव के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही वह कूदकर फरार हो गया। इसके बाद वह करीब 9 किमी दूर व्यासनगर गांव पहुंचा। यहां से पीडीडीयू जंक्शन से जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गया। रविवार रात करीब 2 बजे उसने बिहार के दिनेश साहू की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। व्यासनगर स्टेशन के पास ट्रेन धीमी हुई तो वह उतर गया।
चलती ट्रेन में 18 घंटे के भीतर दूसरी हत्या से पुलिस को शक हुआ। तरीका एक जैसा था- सीधे कनपटी पर गोली। पुलिस ने मान लिया कि हत्यारा एक ही है और उसी दिशा में जांच शुरू की। दूसरे मर्डर के करीब 6 घंटे बाद व्यासनगर से करीब 3 किमी दूर जीवक अस्पताल में घुसकर एक महिला के सिर में गोली मार दी। 26 घंटे में तीन हत्याओं से पुलिस उलझ गई। ट्रेन में दो और अस्पताल एक मर्डर हुआ, लेकिन तरीका एक ही था।
अस्पताल में हमले के बाद भागते वक्त भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस भीड़ से छुड़ाकर उसे अस्पताल ले गई। यहां पूछताछ में आरोपी बोला- तीन को मारकर आया हूं। पुलिस ने गाजीपुर के रहने वाले प्रवेश कुमार यादव से पूछताछ की, जो पहली हत्या के वक्त ट्रेन में मौजूद थे। उन्होंने बताया- हत्यारे ने सिर पर भगवा गमछा बांध रखा था, पैंट-शर्ट पहनी थी और कद करीब 6 फीट था। हुलिया मैच होने पर गुरप्रीत से सख्ती से पूछताछ की गई। उसने ट्रेन में की गई दोनों हत्याओं की बात कबूल कर ली।

