नई दिल्ली, 05 जुलाई (ता)। देश में कॉरपोरेट नेतृत्व की तस्वीर बदल सकती है। यदि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की सिफारिशें लागू होती हैं तो 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही युवा पेशेवर भी किसी कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी), पूर्णकालिक निदेशक या प्रबंधक बन सकेंगे।
समिति ने कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर अपनी रिपोर्ट में शीर्ष प्रबंधन के लिए न्यूनतम आयु 21 साल से घटाकर 18 वर्ष और अधिकतम आयु 70 से बढ़ाकर 75 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया है। इस पहल का उद्देश्य कम उम्र में युवाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर प्रदान करना, अनुभवी पेशेवरों के अनुभव का लंबे समय तक लाभ उठाना है। साथ ही भारत के कॉरपोरेट कानूनों को बदलते कारोबारी माहौल के अनुरूप बनाना है।
रिपोर्ट में कारोबार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि कंपनियों के स्वैच्छिक नाम हटाने (स्ट्राइक ऑफ) के मामलों में रजिस्ट्रार को 60 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य किया जाए। साथ ही पूरी प्रक्रिया को एमसीए-21 पोर्टल से जोड़कर उसे पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए।
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