बलिया 24 अप्रैल। निजी एंबुलेंस को समय पर पेट्रोल नहीं मिलने के कारण बुधवार रात 50 वर्षीय छट्टू शर्मा की तड़पकर मौत हो गई। पंप संचालक के पेट्रोल नहीं देने पर ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव उर्फ सतन यादव ने रात में ही बैरिया एसडीएम संजय कुशवाहा को फोन कर मदद मांगी, लेकिन एसडीएम ने भी पल्ला झाड़ लिया।
सीएमओ डा. आनंद कुमार ने बताया कि निजी एंबुलेंस के संचालन का लेखा-जोखा परिवहन विभाग के पास होता है। छट्ठू शर्मा को बुधवार रात 10 बजे के करीब सीने में तेज दर्द उठा। स्वजन ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव उर्फ सतन यादव को दी। निजी एंबुलेंस में ईंधन की जांच किए बिना प्रधान, छट्टू शर्मा व उनके स्वजन जिला अस्पताल के लिए निकले। अभी दो किमी आगे बढ़ते ही एंबुलेंस का पैट्रोल खत्म हो गया। भूषण पेट्रोलियम फिलिंग स्टेशन पर स्वजन व प्रधान ने संचालक से पांच लीटर पेट्रोल देने की बात कही, लेकिन सेल्समैन संजय कुमार ने पेट्रोल खत्म होने की बात कहकर मना कर दिया। काफी गुहार लगाने के बाद जब सेल्समैन नहीं माना तो प्रधान ने बैरिया के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) संजय कुशवाहा को फोन किया।
आरोप है कि एसडीएम ने निजी एंबुलेंस होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। किसी तरह तीन चार मोटरसाइकिलें मंगाई गई और उससे पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला गया। इसके बाद सदर अस्पताल के लिए जाते समय रास्ते में ही छट्ठू की मृत्यु हो गई। इस संबंध में पंप संचालक से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा बैरिया एसडीएम संजय कुशवाहा ने बताया कि प्रधान का फोन आया था। एंबुलेंस निजी होने के कारण उनको पंप संचालक से ही बात करने के लिए कहा गया था। डीएसओ देवमणि मिश्र ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत यदि पेट्रोल स्टाक में है तो कोई भी मना नहीं कर सकता। एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि निजी एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन परिवहन विभाग में होता है। बिना पर्याप्त ईंधन के एंबुलेंस रखना गंभीर लापरवाही है। इसके लिए कार्रवाई हो सकती है।

