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क्लब की कार्यकारिणी के सदस्य मयूर मित्तल की सदस्यता को लेकर मचा बवाल कहीं एलेक्जेंडर क्लब में व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप पर ना पहुंच जाए। इसे लेकर कई सदस्य चिंतित नजर आते हैं। सदस्यता समाप्ति को लेकर जो बिंदु सामने आया है वैसे मुददे कई बार खड़े हो जाते हैं लेकिन अगर भावनाएं गलत नहीं होती तो उनका निस्तारण भी हो जाता है। क्योंकि गलती मान लेने के बाद तो हर स्तर पर सुधार हो जाते हैं। इसे ध्यान रखते हुए सभी को मिलकर इस विवाद को बढ़ावा देने की बजाय सुलझाना चाहिए। क्योंकि आज एक सदस्य ने इशारों ही इशारों में बताया कि अगर यह मामला चलता रहा तो वर्तमान कमेटी के सामने कई समस्याएं खड़ी हो सकती है क्योंकि इस क्लब के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं और उपाध्यक्ष जेपी अग्रवाल, सचिव संजय कुमार और कोषाध्यक्ष राहुल दास। मैंने देखा यह किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं ऐसे में अभी चार सदस्यों ने अपना प्रभाव की जिम्मेदारी छोड़ी है जिस पर अन्य को जिम्मेदारी देने का निर्णय छोड़ा जा चुका है इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन यह सभी को पता है कि पूर्व में हुए चुनाव में वर्तमान समिति के समर्थन वाले सदस्य निर्वाचित नहीं हो पाए थे लेकिन इसलिए हारे हुए ग्रुप के पदाधिकारियों की संख्या ज्यादा है इस बात को भी ध्यान में रखना होगा क्योंकि दोनों पक्षों के आमने सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं कियाजा सकता। कुछ नागरिकों का कहना है कि दोनों पक्षों के सदस्यों को यह मामला सुलझाकर अध्यक्ष को अवगत कराना चाहिए और सुझाव को अगर वो सही मानते हैं तो यह प्रकरण समाप्त किया जाए। और जो दूसरा पक्ष सदस्यता को लेकर सवाल उठा रहा है उसे भी इस मुददे को समाप्त कर अगले चुनाव की तैयारी में लग जाना चाहिए। यही क्लब के हित में और सदस्यों व पदाधिकारियों के सम्मान में सही है।