अपना शब्द लिखें और खोजने के लिए एंटर दबाएँ!

मेरठ में जिस पति को बेदर्दी से मौत के घाट उतारकर लाश के पांच टुकड़े किए और नीले ड्रम में ठूंसकर सील कर दिया, आज उसी हैवानियत की मुख्य सूत्रधार अदालत के सामने अपनी जान और सजा की भीख मांगती नजर आई।
मेरठ के बहुचर्चित और रूह कंपा देने वाले ब्रह्मपुरी सौरभ राजपूत हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ की घड़ी आ गई। अदालत ने कातिल पत्नी मुस्कान और उसके आशिक साहिल को सौरभ की नृशंस हत्या का मुजरिम ठहरा दिया है। अब दोनों को मृत्युदंड की सजा दी गई है।
सजा के ऐलान से ठीक पहले जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों मुजरिमों को पेश किया गया। जब अदालत ने मुस्कान की आंखों में आंखें डालकर सीधा सवाल दागा-'तुम अपने पति की हत्या की दोषी साबित हो चुकी हो, अपने लिए क्या सजा चाहती हो?'
इस सवाल पर जिस औरत के हाथ अपने ही सुहाग की गर्दन काटते वक्त नहीं कांपे थे, वह सलाखों के पीछे थरथरा उठी। उसने ममता का झूठा चोला ओढ़ते हुए गिड़गिड़ाकर कहा-'मेरी दोनों बेटियां बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए... मुझे कम से कम सजा दी जाए।' इतना कहते ही उसकी जुबान लड़खड़ा गई और वह सिर झुकाकर सन्नाटे में डूब गई।
इसके बाद जब अदालत ने उसके हमदर्द और जुर्म के साझीदार साहिल से पूछा, तो उस खूंखार आशिक की हेकड़ी भी पूरी तरह हवा हो चुकी थी। साहिल ने भी कांपती आवाज में सिर्फ इतना ही कहा-'साहब, कम से कम सजा दीजिए।'
इसके बाद अदालत कक्ष में केवल खौफजदा सन्नाटा पसरा रहा। जिस प्रेमी जोड़े ने मिलकर एक इंसान की जिंदगी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, वे आज कानून के खौफ से कांप रहे थे। लेकिन अदालत में मृत्यु दंड दिया