नई दिल्ली, 29 जून (ता)। निजी टूर ऑपरेटर कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर लोगों को झांसा दे रहे हैं। कई लोग इनके चंगुल में फंस गए और विशेष पैकेज पर यात्रा के लिए निकल गए। लेकिन चीन से परमिट और वीजा न मिलने के कारण वे सभी नेपाल में अटक गए हैं। इसे देखते हुए विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने गत दिवस एक बयान जारी कर कहा कि उसे भारतीय नागरिकों से मदद के अनुरोध मिले हैं। मंत्रालय ने कहा कि वे लोग निजी टूर ऑपरेटरों के पैकेज पर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे, लेकिन उनके पास इस यात्रा के लिए चीन का परिमट और एंट्री वीजा नहीं था। टूर ऑपरेटरों ने उन्हें नेपाल ले जाकर मंझधार में छोड़ दिया। विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि वे सभी जरूरी यात्रा दस्तावेज मिलने के बाद ही मानसरोवर की यात्रा शुरू करें। इन दस्तावेज में यात्रा का परमिट और चीन का वीजा शामिल है। यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो बीच में फंसने का खतरा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि तीर्थ यात्री निजी ऑपरेटर से यात्रा पैकेज लेने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि वह पंजीकृत है या नहीं। मानसरोवर यात्रा का आयोजन विदेश मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इसके लिए ड्रा के जरिये एक हजार यात्रियों का चयन होता है।
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