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    Home»देश»पीएफ ट्रस्ट अपनी मर्जी से नहीं दे सकेंगे ब्याज
    देश

    पीएफ ट्रस्ट अपनी मर्जी से नहीं दे सकेंगे ब्याज

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMay 9, 2026No Comments4 Views
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    नई दिल्ली 09 मई। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने निजी भविष्य निधि ट्रस्टों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कोई भी निजी पीएफ ट्रस्ट ईपीएफओ द्वारा घोषित ब्याज दर से अधिकतम दो प्रतिशत ज्यादा ब्याज ही दे सकेगा। सरकार का यह कदम कुछ ट्रस्टों द्वारा असामान्य रूप से ऊंची ब्याज दरें देने के मामलों के सामने आने के बाद उठाया गया है।

    मौजूदा समय में ईपीएफओ अपने सदस्यों को 8.25 प्रतिशत ब्याज देता है। नए नियम लागू होने के बाद कोई भी प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट 10.25 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज नहीं दे पाएगा। श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ का मानना है कि रिटायरमेंट फंड जैसे संवेदनशील निवेश साधन में अत्यधिक रिटर्न देने की होड़ कर्मचारियों की बचत को जोखिम में डाल सकती है। हाल के वर्षों में कुछ छोटे प्राइवेट ट्रस्टों ने 30 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की थी। एक मामले में करीब 34 प्रतिशत ब्याज तक दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। सरकार का कहना है कि इस तरह की असामान्य दरें लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होतीं और इससे फंड प्रबंधन में जोखिम बढ़ता है।

    कई कंपनियां खुद संभालती हैं कर्मियों का पीएफ कोष
    देश में लगभग 1,000 से अधिक बड़ी कंपनियां और सार्वजनिक उपक्रम ऐसे हैं जिन्हें ईपीएफओ से छूट मिली हुई है और वे अपने कर्मचारियों के पीएफ का प्रबंधन खुद करते हैं। इन्हें छूट वाले संस्थान कहा जाता है। इन ट्रस्टों को कर्मचारियों को ईपीएफओ के बराबर या उससे बेहतर सुविधाएं देनी होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नया नियम कर्मचारियों के हित में है क्योंकि इससे पीएफ फंड में अनुशासन बढ़ेगा।

    Employees' Provident Fund Organization EPFO tazza khabar tazza khabar in hindi
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