लखनऊ 07 जनवरी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समयसीमा बढ़ा दी है। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण सहित सभी प्रक्रियाएं 27 मार्च तक पूरी की जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब छह फरवरी के बजाय 28 मार्च को होगा।
आयोग ने 22 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की थी इसमें कुल 12.69 करोड़ मतदाता थे। वर्ष 2021 के चुनाव से 40.19 लाख ज्यादा हैं। आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की थीं, जिस पर लाखों की संख्या में दावे व आपत्तियां प्राप्त हुईं हैं। इन्हीं के निस्तारण को देखते हुए समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सात जनवरी से 20 फरवरी के बीच दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद हस्तलिखित पांडुलिपियों की तैयारी, संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन और अन्य दस्तावेजी कार्य पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 21 फरवरी से 16 मार्च के बीच पूरक मतदाता सूचियों के कंप्यूटरीकरण की तैयारी कर उन्हें मूल सूची में समाहित किया जाएगा। इसी अवधि में मतदान केंद्रों और पोलिंग बूथों का निर्धारण भी किया जाएगा। वहीं, 17 मार्च से 27 मार्च के दौरान मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन तथा स्टेट वोटर नंबर के आवंटन जैसे कार्य होंगे। इन सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद 28 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

