लखनऊ, 24 जून (ता)। राजधानी के अलीगंज में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों टीमों ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया।
लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर समेत अन्य शहरों में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर सौ से अधिक कोचिंग संस्थाओं सील किया गया। इनमें आकाश, एलन समेत कई बड़े संस्थान भी शामिल हैं। सहारनपुर में छह कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी को सील किया गया। वाराणसी में वीडीए ने 8 संस्थानों को सील किया।
गाजियाबाद में 59 कोचिंग सेंटरों समेत 62 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इनमें नर्सिंग होम और दो होटल भी शामिल हैं। बुलंदशहर में कार्रवाई के डर से कोचिंग सेंटर बंद कर संचालक भाग गए, यहां एक सेंटर सील किया गया। हापुड़ में छह सेंटर और लाइब्रेरी सीलकर 16 को नोटिस दिया गया है। अलीगढ़ में शिक्षा विभाग ने तीन सेंटर सील किए, जबकि सात कोचिंग संचालक ताला लगाकर भाग गए। अवध के जिलों में रायबरेली में 12 कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी सील की गईं। बहराइच में दो, अंबेडकरनगर में दो और अयोध्या में सात कोचिंग सेंटर सील किए गए। गोंडा में भी जांच के बाद 5 लाइब्रेरी को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेरठ में 1500 कोचिंग सेंटर में से 400 ही पंजीकृत हैं। शामली में 46, बागपत में 40 और बिजनौर शहर के 26 कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और शॉपिंग मॉल पर छापा मारा गया। सभी जगह मानकों में कमी पाई गई।
बरेली में दो मॉल, दो होटलों, 12 कोचिंग सेंटरों, तीन लाइब्रेरी, एक जिम में जांच की गई। इनमें से होटलों को सील कर दिया। 16 लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
कानपुर में एलएन कोचिंग, विद्यापीठ, फिजिक्स वाला, एलेन कोचिंग, संजीव राठौर, महिंद्रा कोचिंग, वर्क स्पेस कोचिंग, अंकित सर एज क्लेड कोचिंग समेत 32 प्रतिष्ठान सील कर दिए। इनमें 22 कोचिंग सेंटर हैं।
मथुरा-वृंदावन में कई जगह टीम को देखकर लाइब्रेरी व कोचिंग में पढ़ रहे विद्यार्थी बैग छोड़कर भाग गए। कई कोचिंग संचालक केंद्रों पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए। दो होटल समेत 12 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरियों पर शिकंजा कसा गया।
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले में अवैध कोचिंग सेंटर के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करें। 72 जिले में पंजीकृत 3172 कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि संस्थानों का व्यापक सर्वे कर सूची तैयार करें। जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। निरीक्षण में भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित शैक्षिक वातावरण देना शासन की प्राथमिकता है। हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो, विभाग इसके लिए काम करेगा। इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
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