मेरठ 01 जुलाई (प्र)। मेरठ की साइबर सेल और नौचंदी थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना यूनुस और उसकी महिला मित्र लिजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, MBA पास यूनुस अपनी असली पहचान छिपाकर ‘अभिराज’ नाम से लोगों को ठगता था। उसके कब्जे से 4.16 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, फर्जी दस्तावेज और एक कार बरामद हुई है।
मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर पोर्टलों की मॉनिटरिंग के दौरान NCMEC पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच से इस गिरोह का सुराग मिला। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि यूनुस पहले मेरठ में साझेदारी में स्पा सेंटर चलाता था। पुलिस कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर बंद होने पर उसने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर ‘अभिराज’ नाम से नया नेटवर्क खड़ा कर लिया। पुलिस का कहना है कि हिंदू नाम का इस्तेमाल कर वह लोगों का भरोसा आसानी से जीत लेता था।
गिरोह दो तरीकों से ठगी करता था। पहला, जस्टडायल पर फर्जी स्पा और मसाज होम सर्विस के विज्ञापन देकर ग्राहकों से क्यूआर कोड के जरिए एडवांस भुगतान लेता, लेकिन कोई सेवा नहीं देता।
दूसरा, ‘यूनिवर्सल टूर एंड ट्रैवल’ समेत फर्जी कंपनियों के नाम पर तीर्थ यात्रा, हज, होटल और टिकट बुकिंग का झांसा देकर लोगों से एक से दो लाख रुपये तक वसूल लिए जाते थे। बताया गया की छात्रवृत्ति के नाम पर भी आरोपी लोगों को ठगता था।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से इस नेटवर्क को चला रहे थे और करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। आगरा, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हापुड़ और मेरठ समेत कई जगहों से शिकायतें मिली हैं। बरामद लैपटॉप और डिजिटल उपकरणों में कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी मिली हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

