आज अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जा रहा है। देश में वर्ष २०२६ के बजट में वानिकी क्षेत्र के लिए विशेष ध्यान दिया गया है और विगत नौ वर्षो में प्रदेश में २४२.१८ करोड़ पौधों का रोपण इको पर्यटन को बढ़ावा और विभिन्न वानिकी गतिविधियों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का असर रोकने और हरियाली जिससे नागरिकों को साफ हवा मिल सके के लिए पौधारोपण वक्त की सबसे बड़ी मांग कही जा सकती है। ध्यान से सोचें तो असली खुशी और सरल जीवन किसी ना किसी रुप में पेड़ों की ताजी हवा से मिलता है। इसलिए इसे बनाए रखना बहुत जरुरी है। बताते हैं कि गांव के किसान हरवीर ने२०२३ में एक हजार मीटर में हाईटेक नर्सरी शुरु की थी जो १६ एकड़ में फैल चुकी है। हर साल १० करोड़ पौधे तैयार करते हैं जो इटली में भी भेजे जाते हैं। सरकार वनों की संख्या बढ़ाएं और पौधों का संरक्षण के लिए हरवीर सिंह जैसे किसानों से मार्गदर्शन वनों को बढ़ावा देने में लगे कर्मचाररियों को दिला सकते हैं। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि २४२.१८ करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। जानकारों का कहना है कि अगर इन पोधों की सही देखभाल होती तो प्रदेश में पेड़ लगाने के लिए जगह नहीं बचती। कहने का आश्य है कि जून माह में हर साल जो पोैधारोपण कार्यक्रम चलता है उसकी देखभाल भी की जाए और बाकी तो यह विषय नजरअदंाज नहीं किया जा सकता। हमें एक पेड़ दस पुत्र समान की भावना के साथ इस कार्य में जुटना चाहिए तभी अंतरराष्ट्रीय वन दिवस का औचित्य है। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस की सभी को शुभकामनाएं इस आशा के साथ कि सब पेड़ लगाने में अपना योगदान देंगे।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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