फरीदाबाद, 28 जुलाई (ता)। खेड़ी पुल थाना पुलिस की कथित प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर 60 वर्षीय बिजलीकर्मी ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी को ठहराया है।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल से शव को पुलिस आयुक्त कार्यालय ले जाने की चेतावनी देते हुए जमकर विरोध जताया। पुलिस अधिकारियों द्वारा थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। मृतक की पहचान जनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) के रूप में हुई है। वह पावर ग्रिड कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत थे और आगामी अक्तूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे। वर्ष 2017 में खेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस संदर्भ में कंपनी के खिलाफ लापरवाही की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पावर ग्रिड कंपनी की ओर से न्यायालय और पुलिस स्टेशन से जुड़े सभी विधिक कार्य सतीश कुमार ही संभाल रहे थे। परिजनों का दावा है कि इस मामले में दूसरा पक्ष मुआवजे के लिए सहमत था, इसके बावजूद पुलिस उन्हें बार-बार नोटिस भेजकर परेशान कर रही थी।
मृतक के बेटे विवेक ने कहा कि गत दिवस सुबह करीब 10 बजे उनके पिता को खेड़ी पुल थाने बुलाया गया था और शाम करीब छह बजे तक वहीं बैठाकर रखा गया। विवेक का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके पिता को न तो पानी पीने दिया गया और न ही शौचालय जाने की अनुमति दी गई। पुलिस अधिकारियों ने अनर्गल सवाल-जवाब कर उन पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाया और गत दिवस गिरफ्तार करने की धमकी दी। शनिवार रात घर लौटने पर सतीश अत्यधिक तनाव में थे। इसी मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर उन्होंने बीते दिवस फंदा लगा लिया।
घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा कि मैं सतीश कुमार मेरी मौत की जिम्मेदारी पूरी एसएचओ खेड़ी पुल देवेंद्र सिंह की है मुझे बहुत हरास किया है। इसके नीचे उनके हस्ताक्षर भी हैं। परिजनों ने इसी पत्र को आधार बनाकर थाना प्रभारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद परिजन सतीश को निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को बादशाह खान नागरिक अस्पताल लाया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार करते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक बहस हुई। परिजन शव को एम्बुलेंस में रखकर सीधे पुलिस आयुक्त कार्यालय ले जाने की जिद पर अड़ गए। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मुजेसर के एसीपी पंकज कुमार ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। एसीपी ने कहा कि परिजनों की शिकायत और प्राप्त सुसाइड नोट के आधार पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद परिजन सहमत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया गया।
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