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    Home»देश»किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं : कोर्ट
    देश

    किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं : कोर्ट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMarch 6, 2026No Comments2 Views
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    मुंबई, 06 मार्च (भा)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने गत दिवस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की परमिशन देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता और किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता।
    जस्टिस बीपी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की बेंच टैक्सी और ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें मांग की गई थी कि एयरपोर्ट के पास एक अस्थायी शेड था, जहां वे नमाज पढ़ते थे, जिसे पिछले साल अधिकारियों ने हटा दिया। याचिका में ड्राइवरों ने उसी जगह या आसपास किसी अन्य जगह पर नमाज पढ़ने की परमिशन मांगी थी। कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
    कोर्ट ने पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों से यह जांच करने को कहा था कि क्या याचिकाकर्ताओं को कोई वैकल्पिक जगह दी जा सकती है। गत दिवस पेश की गई रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा कि सात जगहों का सर्वे किया गया, लेकिन भीड़, सुरक्षा चिंताओं और एयरपोर्ट डेवलपमेंट प्लान के कारण कोई भी जगह उपयुक्त नहीं पाई गई।
    रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास नमाज पढ़ने के लिए कोई जगह तय करना संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि धर्म हो या कुछ और सुरक्षा सबसे पहले आती है। इस एयरपोर्ट से हर धर्म के लोग यात्रा करते हैं, इसलिए सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
    कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता खुद यह तय नहीं कर सकते कि वे किस जगह नमाज पढ़ेंगे। बेंच ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई किसी सार्वजनिक स्थान के बीच में नमाज पढ़ने की मांग करे तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
    कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे किसी दूसरी जगह की तलाश करें। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित इलाके से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर एक मदरसा मौजूद है, जहां नमाज पढ़ी जा सकती है।

    Court Order Desh Mumbai Offering namaz anywhere is not a religious right: Court tazza khabar tazza khabar in hindi
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