नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि)। नए वित्तीय वर्ष में आरबीआई ने ऋण और बैंकिंग प्रणाली में कई जरूरी बदलाव लागू कर दिए हैं। इसके तहत अब तय समय से पहले ऋण चुकाने वाले ग्राहकों से किसी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
यह प्रावधान एक जनवरी 2026 से स्वीकृत या रिन्यू किए गए फ्लोटिंग दर वाले ऋण पर लागू होगा। इसमें आवास, वाहन, व्यक्तिगत और शिक्षा ऋण शामिल है। अब तक बैंक और वित्तीय संस्थान समय से पहले ऋण चुकाने पर कुल बकाया राशि का 2-5 फीसदी जुर्माना लगाते थे। उदाहरण के लिए यदि किसी ग्राहक का 10 लाख रुपये का कर्ज बकाया है और वह इसे एकमुश्त भुगतान के जरिए जल्द चुकाना चाहता था तो पांच फीसदी जुर्माना के हिसाब से उसे 50 हजार रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ते थे। नए बदलाव में ग्राहकों को अधिक लचीलापन मिलेगा और वे ब्याज का बोझ कम कर सकेंगे।
हर सात दिन में सिबिल स्कोर अपडेट होगा। इसके अलावा सबसे बड़ा बदलाव क्रेडिट स्कोर को लेकर हो किया गया है। अब ग्राहकों का सिबिल स्कोर हर महीने केवल एक बार नहीं बल्कि हर सात दिन में अपडेट होगा।
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