मुंबई, 25 मार्च (जा)। राजमार्ग क्षेत्र में खर्च की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गत दिवस कहा कि सरकार सड़क परियोजनाओं के लिए हर साल आठ लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से राजमार्ग निर्माण का बहुत महत्व है और इस पर अधिक खर्च करने से देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च किया गया एक रुपया, अर्थव्यवस्था में तीन रुपये के बराबर की गतिविधियां पैदा करती हैं।
एनएचएआई द्वारा प्रायोजित राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की बीएसई पर सूचीबद्धता के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हमारी समस्या यह है कि हम खर्च करने में असमर्थ हैं। हमारे खर्च करने की गति बहुत धीमी है।’
उन्होंने कहा कि सरकार राजमार्ग क्षेत्र की मजबूत परिसंपत्तियों के आधार पर बाजार से हर साल पांच लाख करोड़ रुपये जुटा सकती है, इसके अलावा 3.2 लाख करोड़ रुपये का बजटीय सहयोग भी मिलता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के पास स्थित द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि यह बुनियादी ढांचे पर किए गए खर्च के सकारात्मक प्रभाव का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पहले जो इलाका जंगल था, उसने रियल एस्टेट में आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है।
गडकरी ने कहा कि पुणे के आसपास लगभग 40,000 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का शिलान्यास अगले दो सप्ताह में किया जाएगा।
Trending
- 2027 के विधानसभा और 29 के लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना का मेरठ प्रेम कईयों की नींद उड़ा रहा है
- 1885 में विकसित हुआ था रैबीज का टीका! कुत्तों का प्रभाव पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ गया है बचाव के उपाय आखिर तेज क्यों नहीं किए जाते
- सड़कों को टूटने से बचाना है तो अनुबंध के पूर्ण विवरण का बोर्ड शुभारंभ के समय लगाया जाए, मुख्यमंत्री का गडढामुक्त सड़क का सपना हो सकता है साकार
- भारतीय सेना शिवभक्तों के लिए बनी सुरक्षा कवच
- 10% बिजली फ्यूल सरचार्ज और गैस की महंगाई पर व्यापारियों का हल्लाबोल, राष्ट्रपति को भेजा मांग-पत्र
- इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों पर केंद्र सख्त
- जलालाबाद का नाम बदलकर अब होगा ‘परशुरामपुरी’, योगी कैबिनेट ने दी 29 में से 27 प्रस्तावों को मंजूरी
- कांग्रेस करेगी 30 दिन हिरासत में रहे मंत्रियों को हटाने सम्बंधी विधेयक का विरोध

