Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अल्लू अर्जुन समन के बाद कोर्ट की सुनवाई में हुए शामिल
    • ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी शुरू कर रहे हैं नया सफर
    • पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘लू’ का प्रकोप जारी
    • धन की देवी का वास झाड़ू में होता है
    • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गृह सचिव को एसआईटी ने सौंपी 150 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट
    • व्हाट्सअप की कमान संभालेंगे भारतीय उद्यमी कुणाल शाह
    • एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव के बागी सांसद
    • चकरोड की पैमाइश को पहुंची तहसील की टीम बैरंग लौटी, डूंगर गांव में पूर्व प्रधान विपक्षी पार्टी के बीच चल रही थी खीचतान
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»12वीं बोर्ड में निकिता ने हासिल किए 93.88% अंक, पर नतीजों से 10 दिन पहले ही थम गईं सांसें
    देश

    12वीं बोर्ड में निकिता ने हासिल किए 93.88% अंक, पर नतीजों से 10 दिन पहले ही थम गईं सांसें

    adminBy adminApril 1, 2026No Comments12 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    श्रीगंगानगर 01 अप्रैल। राजस्थान बोर्ड के 10वीं और 12वीं के नतीजे आते ही प्रदेश भर के लाखों घरों में खुशियां मनाई जा रही हैं और छात्र अपनी सफलता का जश्न मना रहे हैं. लेकिन श्रीगंगानगर जिले के रावला तहसील में एक घर ऐसा भी है जहां सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है क्योंकि वहां की होनहार बेटी निकिता अब अपनी इस बड़ी कामयाबी को देखने के लिए इस दुनिया में नहीं है. निकिता ने 12वीं की परीक्षा में 93.88 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. रावला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इस छात्रा ने अपनी मेहनत से जो मुकाम हासिल किया उसे देखने के लिए वह खुद मौजूद नहीं रह सकी.

    निकिता की यह सफलता इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि वह लंबे समय से हेपेटाइटिस और डायबिटीज जैसी दो गंभीर बीमारियों से एक साथ जंग लड़ रही थी. शारीरिक तकलीफों के बावजूद उसने अपनी पढ़ाई से कभी नाता नहीं तोड़ा और बोर्ड परीक्षाओं में जी-जान लगाकर तैयारी की ताकि वह अपने परिवार का नाम रोशन कर सके. निकिता के माता और पिता दोनों ही दिहाड़ी मजदूरी करके घर चलाते हैं और अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य के सपने देख रहे थे. लेकिन 20 मार्च को निकिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और रिजल्ट आने से ठीक 10 दिन पहले ही उसने अपनी अंतिम सांस ली.

    अगर आज निकिता जीवित होती तो 31 मार्च को आए इन शानदार नतीजों को देखकर उसके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. निकिता की योजना आगे एक अच्छे कॉलेज में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की थी ताकि वह पढ़-लिखकर अपने गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके. उसकी मौत ने न केवल एक होनहार छात्रा को छीना है बल्कि एक मजदूर परिवार की उन उम्मीदों को भी तोड़ दिया है जो अपनी बेटी के सहारे बेहतर कल की तलाश में थे. स्कूल के शिक्षकों और सहपाठियों के लिए भी यह पल बेहद भावुक है क्योंकि वे निकिता को एक जुझारू और मेधावी छात्रा के रूप में याद कर रहे हैं.

    इस साल राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए करीब 8.5 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया था जिसमें से 8.2 लाख बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे. सबसे अधिक संख्या आर्ट्स स्ट्रीम के विद्यार्थियों की थी जहाँ लगभग 6 लाख बच्चों ने अपनी किस्मत आजमाई जबकि साइंस और कॉमर्स में भी बड़ी तादाद में छात्र बैठे थे. निकिता जैसे हजारों बच्चों ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत की लेकिन उसकी कहानी सबसे अलग और दर्दनाक साबित हुई.

    rajasthan rajasthan board 2026 tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अल्लू अर्जुन समन के बाद कोर्ट की सुनवाई में हुए शामिल

    June 23, 2026

    ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी शुरू कर रहे हैं नया सफर

    June 23, 2026

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘लू’ का प्रकोप जारी

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.