फतेहपुर 02 अप्रैल। फतेहपुर शहर के राधानगर इलाके में करीब डेढ़ साल से यूनिक रिश्ता डॉट कॉम के जरिये लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। तीन महिलाओं समेत छह ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
गैंग का मास्टरमाइंड आगरा का है जो आठ वैवाहिक वेबसाइट संचालित कर रहा था। गिरोह के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर महाराष्ट्र, दिल्ली, जालौन, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात में 17 शिकायतें दर्ज हैं।
कई बैंक खाते, उद्यम पोर्टल और लेबर कार्यालय में फर्म पंजीकृत
यूनिक रिश्ते के अलावा शुभ मंगल जोड़ी, शादी पार्टनर, ड्रीम पाटर्नर, परफेक्ट रिश्ते, शुभ मैट्रोमोनियल, विवाह गाइड, वर-वधू डॉट कॉम नाम से ऑनलाइन फर्जी वेबसाइट संचालित करने का पुलिस ने दावा किया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने उद्यम पोर्टल व लेबर कार्यालय में फर्म का पंजीकरण करा रखा था।
साइबर क्राइम पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल पर महाराष्ट्र निवासी सागर राधेश्याम गुप्ता से 22,500 रुपये और कासगंज के संदेश कुमार से 2,500 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत मिली थी। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस राधानगर के देवीगंज स्थित मिलाप कोठी पहुंची। उसे राजेश पांडेय के मकान की तीसरी मंजिल पर किराये के हॉल में संगठित गिरोह संचालित होता मिला।
पुलिस ने मौके से छत्तीसगढ़ निवासी आदित्य यदु, मध्यप्रदेश निवासी अनिल कुमार, छत्तीसगढ़ निवासी (हाल पता कानपुर का सीसामऊ) निवासी दिनेश कुमार बंजारा, फतेहपुर के ललौली थाने के बनरसी हरियापुर निवासी नीलम, मलवां के कांधी निवासी श्रेया मिश्रा और राधानगर बहुआ पुलिया निवासी तनु शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आगरा और कानपुर में भी पुलिस टीम को भेजा जाएगा।
आदित्य ने बताया कि वेबसाइट पर किसी का आवेदन आने पर कॉल की जाती थी। बताया जाता था कि आपकी प्रोफाइल को 20 लड़कियों ने पसंद किया है और वह आपसे बात करना चाहती हैं। फोटो और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के एवज में ऑनलाइन पैसे मंगवाते थे। अन्य पैकेज भी बताकर पैसे ऐंठते थे। उन्हें जिन लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी, उनका कोई डाटा नहीं होता था। मोबाइल नंबर अपने कॉल सेंटर की लड़कियों के भेजते थे। लड़कियां बात कर जाल में फंसाती थीं और ठगी के बाद सिमकार्ड को बंद कर दिया जाता था।
मास्टरमाइंड आगरा का अमित, संचालित कर रहा था आठ वेबसाइट
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड आगरा का अमित है और आदित्य उसका सहयोगी है। ये लोग यूनिक रिश्ता डॉट कॉम वेबसाइट के जरिये शादी के इच्छुक लोगों को फंसाते थे। इनके पैकेज 2,999 से 19,999 रुपये तक के होते थे। अमित इस तरह की आठ वेबसाइट संचालित करता है। दिनेश बंजारा का कानपुर के सीसामऊ के हीरागंज में ऑफिस है। वह शुभ-मंगल नाम की वेबसाइट संचालित करता है।
पुलिस की पूछताछ में आदित्य ने बताया कि अमित कुमार आगरा जिले के कारगिल चौराहा सिकंदरा रोड बोदला पदम कुंज मकान नंबर 46 का निवासी है। करीब दो साल पहले छत्तीसगढ़ में एक बरात में अमित से मुलाकात हुई थी। नौकरी की बातचीत के दौरान उसने कहा कि हम मिलकर लड़के-लड़कियों की शादी कराने का व्यवसाय शुरू करेंगे। अनिल और दिनेश के साथ मिलकर अमित के साथ छह माह तक आगरा में एजेंट के रूप में काम किया। अच्छी कमाई होने पर दूसरे जिलों में काम शुरू किया।
ठगी की कमाई से खरीदी कार
पुलिस को बिल्डिंग के बाहर रोड पर खड़ी नई एसयूवी कार मिली जो दिनेश बंजारा की निकली। पुलिस पूछताछ में दिनेश ने बताया कि कार साइबर ठगी की कमाई से खरीदी गई। पुलिस ने कार एमवी एक्ट में सीज कर दी। आरोपियों के 10 मोबाइल नंबरों की सीडीआर जांच की गई। मैसेज में दो ऑनलाइन शिकायतें कानपुर के निवासियों की मिली।
कानपुर की नंदनी ने भेजी थी सिमकार्ड की खेप
पुलिस को एक सिम विक्रेता कंपनी के 137 नए सिमकार्ड पैक मिले हैं। यह खेप कानपुर से आई थी। सभी सिमकार्ड एक ही कंपनी के थे। साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक कमर खान ने बताया कि सिमकार्ड कानपुर की रहने वाली नंदनी ने भेजे थे। नंदनी सिमकार्ड कंपनी में काम करती है। सिमकार्ड अमित के माध्यम से पार्सल के जरिये भेजे जाते थे।

