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    Home»न्यूज़»नागेन्द्र बने भाजपा के राष्ट्रीय संगठक
    न्यूज़

    नागेन्द्र बने भाजपा के राष्ट्रीय संगठक

    adminBy adminJune 2, 2026No Comments3 Views
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    लखनऊ, 02 जून (ता)। उत्तर प्रदेश में बतौर संयोजक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मजबूत जमीन तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले ममी को भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय संगठक नियुक्त किया है। त्रिपाठी पार्टी मुख्यालय से वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संपर्क का जिम्मा संभालेंगे। बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रदेश संगठन महामंत्री का जिम्मा संभालने के बाद 2021 से बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री का दायित्व संभाल रहे नागेंद्र को लाइम लाइट से दूर रह कर जमीनी रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता है। नागेंद्र उस समय उत्तर प्रदेश में विद्यार्थी परिषद के संयोजक थे, जब राष्ट्रीय स्तर पर संघ के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले इस भूमिका को निभा रहे थे। बतौर संयोजक नागेंद्र ने विद्यार्थी परिषद के संयोजक और 2003 में बतौर संगठन महामंत्री उत्तर प्रदेश को स्वतंत्र देव सिंह, अशोक कटारिया, हरीश दुबे के रूप में कई जमीनी नेता दिए। नागेंद्र को 2011 में बिहार का संगठन महामंत्री बनाया गया था। उनकी संगठन क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें 2021 में बिहार और झारखंड का क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया। संत कबीरनगर में किसान परिवार में जन्मे नागेंद्र शुरुआती समय में ही संघ से जुड़ गए थे।
    संघ के एक समर्पित प्रचारक के तौर पर काम करते हुए नागेंद्र ने नौजवानों को वैचारिक रूप से जागृत किया। युवाओं को लेकर आरएसएस-एबीवीपी के बीच बेहतर तालमेल व संघ के सांगठनिक ढांचे की मजबूती में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
    बीते सात साल से उत्तराखंड में संगठन महासचिव का जिम्मा संभाल रहे अजेय कुमार को राजस्थान का संगठन महासचिव बनाया गया है। अजेय को चुनावी राज्य से हटा कर राजस्थान भेजने का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रदेश के दौरे के तत्काल बाद लिया गया है।
    इस फैसले के बाद राजस्थान को करीब ढाई साल पर प्रदेश संगठन महासचिव मिला है। वर्तमान में राज्य में कई स्तर पर जारी गुटबाजी पार्टी के लिए चिंता का विषय है। यही कारण है कि अजेय कुमार को हटा कर एक सप्ताह के अंदर उत्तराखंड को नया प्रदेश संगठन महासचिव देने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय सह संगठन महासचिव शिव प्रकाश के करीबी अजेय ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड में प्रदेश संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री का दायित्व निभाया था। दूसरी ओर राजस्थान में जनवरी 2024 में चंद्रशेखर को तेलंगाना स्थानांतरित करने के बाद राज्य के पास संगठन महासचिव नहीं था। अजेय के सामने राजस्थान में भी विभिन्न स्तर पर फैली गुटबाजी पर अंकुश लगाने की चुनौती होगी।
    भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वर्दी छोड़ भाजपा का दामन थामकर चर्चा में आए तमिलनाडु में पार्टी का चेहरा अन्नामलाई अगले सप्ताह नए सियासी सफर की शुरुआत करेंगे। मंगलवार को अन्नामलाई जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलने चेन्नई से दिल्ली पहुंचेंगे तो इस्तीफा उनकी जेब में होगा। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की तीन भाषा नीति का सार्वजनिक विरोध कर पहले ही इस आशय का संकेत दे दिया था। सोमवार को अन्नामलाई के पार्टी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उनकी नई पार्टी मक्कल शक्ति अय्यकम (जनशक्ति आंदोलन) के झंडे और डिजाइन साझा भी कर दिए हैं। अन्नामलाई के करीबी सूत्र ने उनकी नई सियासी पारी की पुष्टि करते हुए कहा कि सबकुछ तय हो चुका है।
    अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी और अन्नामलाई एक ही क्षेत्र कोंबुनाडु और समान गाउंडर समुदाय से आते हैं। यह समुदाय अन्नाद्रमुक का समर्थक रहा है, मगर लोकसभा चुनाव में इसकी निकटता भाजपा से बढ़ी। तब अन्नामलाई भले ही कोयंबटूर सीट पर दूसरे स्थान पर रहे, मगर अन्नाद्रमुक को चौथे स्थान पर धकेल दिया। ऐसे में सतर्कता बरतते हुए अन्नाद्रमुक ने इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव में अन्नामलाई की सिंगानल्लूद सीट समेत एक भी सीट भाजपा को नहीं दी। इसके विरोध में अन्नामलाई ने विधानसभा चुनाव से दूरी बना ली। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई अपनी नई सियासी पारी में टीवीके की तरह युवाओं को जोड़ना चाहते हैं।

    lucknow Nagendra Appointed BJP's National Organizer tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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