बदायूं के सैजनी गांव में स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के कंप्रेस्ड बायो गैस सीबीजी प्लांट में इसी गांव के 14 हजार रूपये महीना पर वेंडर की नौकरी करने वाले अजय प्रताप सिंह का सुरक्षा बलों की नाकामी की वजह से इतना हौंसला बढ़ गया कि उसने प्लांट में अधिकारी हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता की हत्या कर दी। वह बात दूसरी है कि हत्या के बाद एनकाउंटर के डर से वह थाने पहुंच गया और वहां भी उसने गिरफ्तार होने के बाद भी सिपाही पर गोली चला दी। जिसके बाद उसकी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने काबू पाया। दूसरी तरफ पेट्रोलियम ईकाई के बाहर सुरक्षा के दृष्टिकोण पर गेट पर पीएसी तैनात कर दी गयी है तो दूसरी ओर यहा के एसएसपी डा0 बृजेश सिंह को हटाकर उनके स्थान पर कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा को तैनाती दी गयी।
फैक्ट्री हो या और सरकारी ठेके उनमें कुछ लोगों की दबंगाई के किस्से हमेशा ही सुनने को मिलते हैं और क्योंकि यह ठेकेदार हर क्षेत्र में अपनी पकड़ साम, दाम, दंड भेद की नीति अपनाकर अपना वर्चस्व कायम करने में सफल हो जाते हैं प्लांट में हुए हत्याकांड की दोपहर में ही शासन द्वारा रिपोर्ट मांगी गयी। और एसएसपी को हटा दिया गया लेकिन खबरों के अनुसार आरोपित अजय प्रताप सुधीर गुप्ता को धमकी दे रहा था जिसके चलते उन्होंने स्वैच्छिक अवकाश लिया और कुछ ही दिनों बाद वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। लेकिन 10 महीने पहले यहां प्रबंधक बनकर आये उनकी और उनके सहयोगी हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गयी। ठेकेदारों का इन प्लांटों में कितना आतंक होता है यह इस बात से लगा सकते हैं कि मूल रूप से नोएडा निवासी सुधीर गुप्ता के स्थान पर नए उपमहाप्रबंधक की नियुक्ति की गयी जो कि महाराष्ट्र के निवासी है उन्हें एक अप्रैल को ज्वांइन करना था इसलिए वह प्लांट देखने आये और वहां की स्थिति देखकर उन्होंने वहां काम करने से स्पष्ट मना कर दिया और शाम को महाराष्ट्र लौट गये। सवाल यह उठता है कि जब भी कोई ऐसी घटना होती है तो थाना प्रभारी और एक दो दारोगाओं को निलंबित कर दिया जाता है जैसे घटना वाले थाने मूसाझाग थाने के इंस्पेक्टर अजय कुमार और हल्का प्रभारी धर्मेंद्र को निलंबित कर दिया गया। बताते चलें कि जनवरी 2024 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 एकड़ के सीबीजी प्लांट का उद्घाटन किया था और इसका संचालन करने वाली हिन्दुस्तान कार्पोरेशन लिमिटेड कंपनी पराली खरीदती है इससे प्रतिदिन 14 मेट्रिक टन इंधन व 65 मिट्रिक टन खाद बनता है।
सैजनी निवासी अजय प्रताप यहां नौकरी करता था और धीरे-धीरे दबंई के दम पर ठेके लेने लगा और सबकों धमकाने लगा और यह बात किसी से छुपी नहीं थी सवाल यह उठता है कि वह सुरक्षा होने के बावजूद हथियार लेकर प्लांट में कैसे घुसा यह घटना कोई अकेली नहीं है गिरोहबंद दबंगों द्वारा ठेके दारों दबंगई के दम पर कब किसको घायल या उसकी हत्या कर दी जाये यह कोई नहीं जानता मगर सवाल उठता है कि ऐसी परिस्थितियों पर काबू नहीं किया गया और दबंगों पर अंकुश नहीं लगा तो जिस प्रकार से महाराष्ट्र से आये उपमहाप्रबंधकर कार्यभार लेने के बजाये वापस चले गये। इसी प्रकार और अधिकारी भी विभाग चाहे कोई सा हो आखिर कैसे नौकरी कर पायेंगे इस बिंदु की ओर सरकार और पुलिस महानिदेशक को विशेष रूप से ध्यान देते हुए कुछ ऐसा करना होगा कि इन दबंगों से क्षेत्र के थानेदार और प्रभावशाली व्यक्ति तथा पुलिस और प्रशासनिक विभाग के अन्य अफसर भी दूरी बनाकर रखे और मामूली शिकायत मिलने पर अफसरों व कर्मचारियों की जान माल की सुरक्षा के किऐ जाये बड़े इंतजाम। जहां तक समझा जाता है कि इन दोनों अधिकारियों के परिजनों को उनकी काबिलियत के अनुसार सरकारी नौकरी भी मिल जाएंगी और जो सुविधाए है वह भी मिल जाएंगी लेकिन इससे जो परिवार को कमी हुई वह पूरी नहीं हो सकती। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ऐसे दबंगों पर अंकुश लगाने हेतु निरंतर आदेश और निर्देश दे रहे है लेकिन इनका प्रभाब बढ़ता ही जा रहा है इस बारे में सरकार को सोचना ही होगा।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मुंबई: महिला डॉक्टर से मारपीट करने वाले शिवसेना पार्षद ने किया सरेंडर, हाई कोर्ट ने एक दिन पहले ही रद की थी जमानत
- लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला जालसाज सीबीआई के हत्थे चढ़ा, आगरा से किया गिरफ्तार
- हाथरस : पत्नी से डरे पति का आया हैरान करने वाला मामला, आठ दिन से घर में है बंद, बचाने की लगा रहा गुहार
- मेरठ में 357 करोड़ का टैक्स रिफंड घोटाला: 3000 क्लाइंट्स को दिलाए अवैध Refund, 50 लाख के जेवर और 4 करोड़ की FD सीज
- हिमाचल में मौसम का रेड अलर्ट: 20-21 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी
- कोर्टरूम में रील बनाने वाले वकीलों पर होगी कार्रवाई, बार काउंसिल के सर्कुलर में और क्या-क्या?
- सीएम योगी बोले- ललिता गौतम हत्याकांड के दोषी बचेंगे नहीं, परिवार से मुलाकात की, 5 लाख की मदद, आवास देंगे
- क्या एक शादी करने वाले को ही मप्र में रहने का कानूनी अधिकार होगा यह असंभव है
