Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है
    • UP के 75 जिलों में एक साथ बजेगा Black Out सायरन, बंद करनी होंगी घर-दफ्तर की सारी लाइटें
    • भाजपा दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही: अखिलेश
    • बहन की शादी, किस्तें भरने को 15 लाख में चावल बेचा, दो भाई गिरफ्तार
    • 1000 करोड की हेराफेरी में मदद करने के आरोप में पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक समेत 18 पर केस दर्ज
    • एसडीएम के सरकारी आवास पर कोई बांध गया जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता, मालिक की तलाश शुरू
    • मूर्ति के चक्कर लगा रहे कुत्ते की भी पूजा शुरू
    • ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी 242 वेबसाइटों पर प्रतिबंध
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»सामाजिक समरसता हेतु मोहन भागवत का संदेश देश की प्रगृति में होगा सहायक, जल्द बदलेगा संघ का संगठनात्मक ढांचा, यूपी में होंगे नौ संभाग
    देश

    सामाजिक समरसता हेतु मोहन भागवत का संदेश देश की प्रगृति में होगा सहायक, जल्द बदलेगा संघ का संगठनात्मक ढांचा, यूपी में होंगे नौ संभाग

    adminBy adminJanuary 1, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    जातिवाद, अमीर गरीब की व्यवस्था को समाप्त कर देश में सर्वधर्म सदभाव के समान गरीब हो या अमीर सब एक समान की भावना को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और संघ संचालक मोहन भागवत ने अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से बीते वर्ष में जो हिंदुओं को एक सूत्र में पिरोने और अन्य धर्मों के लोगों को संघ को समझने का मौका देने हेतु जो अभियान चलाया था भले ही उसके कोई बहुत बड़े परिणाम निकलकर ना सामने आए हो लेकिन एक बात कही जा सकती है कि सभी समाज और जातियों के लोग अब ऐसे आयोजन करने लगे हैं जिसमें सब एक छत के नीचे बैठकर देश और समाज व परिवारों की प्रगृति के लिए चर्चा करने लगे हैं। ध्यान से सोचें तो यह संघ परिवार के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब मोहन भागवत का कथन देश में अलगाव और नहीं चाहिए। अपने आप के साथ में सबको एक साथ जोड़े रखने का संदेश दे रहा है। बताते चलें कि बीते बुधवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर एम्स में युवा संवाद कार्यक्रम में मोहन भागवत द्वारा सोनपेरी तथा अन्य स्थानों से आए युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब सिर्फ चर्चा से काम नहीं चलेगा समाधान भी खोजने होंगे। सामाजिक समरसता हमारी ताकत है इसलिए हमें एक दूसरे के घरों में आना जाना चाहिए। मोहन भागवत ने सभी से अपील की कि अपने मन से अलगाव और भेदभाव को समाप्त करें। सभी हिंदू एक हैं। सभी मंदिर जलस्त्रोत एवं शमशान सभी के लिए खुले रहने चाहिए किसी का भी मूल्यांकन जाति संपत्ति या भाषा के आधार पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तक ऐसे विकास मॉडल नहीं बना सकती है जिसमें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो सके। अब विकास और प्रकृति का टकराव नहीं समान रास्ते पर चल सके। मोहन भागवत की भावनाएं स्पष्ट करती हैं कि देश के विकास एकता और परिवारों की खुशहाली व मजबूत समाज के लिए सबको एक होकर चलना होगा।
    एक खबर के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 साल हो गए हैं। अब संघ अपने सांगठनिक ढांचे में बदलाव पर विचार कर रहा है। संघ में इस तरह के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। मौखिक चर्चा के अनुसार मार्च 2026 में होने वाली संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में बदलाव के प्रस्ताव पर बात होगी और प्रतिनिधि सभा में ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। ये प्रतिनिधि सभा हरियाणा के समालखा में होना बताया जा रहा है।
    ढांचे में तीन तरह के बदलाव का प्रस्ताव
    सांगठनिक ढांचे में तीन तरह के बदलाव का प्रस्ताव है। अभी संघ ने पूरे देश को काम के लिहाज से 11 क्षेत्रों में बांटा है लेकिन इसे 11 से 9 करने का प्रस्ताव है। अभी संघ के प्रांत प्रचारक राज्य की सरकारी परिभाषा के हिसाब से बने प्रांत के आधार पर नहीं होते हैं, ये भी संघ के कामकाज की सुविधा के हिसाब से बनाए गए हैं। लेकिन अब प्रांत प्रचारकों की जगह राज्य प्रचारक बनाने का प्रस्ताव है।
    प्रांत प्रचारकों की जगह राज्य प्रचारक बनाने का प्रस्ताव
    बताते हैं कि ये राज्य की इकाई के हिसाब से ही होंगे। जैसे अभी संघ के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड जैसे राज्यों में तो एक ही प्रांत प्रचारक हैं जो एक तरह से पूरे राज्य के ही प्रचारक हैं। लेकिन जो बड़े राज्य हैं उनमें एक राज्य में ही कई प्रांत प्रचारक हैं। जैसे राजस्थान में 3 प्रांत प्रचारक, यूपी में 6 प्रांत प्रचारक हैं। बदलाव के बाद सभी राज्यों में राज्य प्रचारक होंगे और पूरे यूपी में भी एक राज्य प्रचारक। अभी बड़े राज्यों में कामकाज के हिसाब से ज्यादा प्रांत प्रचारक बनाए गए हैं। जब राज्य प्रचारक हो जाएंगे तो साथ ही संभाग प्रचारक का पद भी बनाया जाएगा, ये एक संभाग यानी कमिश्नरी के प्रचारक होंगे। ये विभाग प्रचारक और राज्य प्रचारक के बीच की इकाई होंगे।
    संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संघ के काम का विस्तार हो रहा है और उसी हिसाब से संगठन का ढांचा बनाने का प्रस्ताव है। इससे काम का विकेंद्रीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ ने समाज जागरण सहित पंच परिवर्तन का जो काम तय किया है उसे ठीक से संचालित करने के लिए संगठन के ढांचे में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। अनाधिकृत सूत्रों के अनुसार अक्टूबर 2026 तक संघ के शताब्दी वर्ष के ही कई कार्यक्रम है इसलिए अगर बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तब भी ये साल 2027 तक ही लागू हो पाएगा। अगर बात यूपी की करें तो यहां के १८ मंडलों में नई व्यवस्था के तहत नो संभाग बनाएं जाएंगे।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अगर सम्मान पाना है तो शिष्य का संबोधन छोड़ भतीजा या पुत्रवत जैसे शब्दों को संबोधन में शामिल कीजिए, क्योंकि एकलव्य जैसे शिष्य तो गुरू द्रोणाचार्य जैसे गुरू भी अब नजर नहीं आते है

    January 17, 2026

    UP के 75 जिलों में एक साथ बजेगा Black Out सायरन, बंद करनी होंगी घर-दफ्तर की सारी लाइटें

    January 17, 2026

    भाजपा दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही: अखिलेश

    January 17, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.