Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नेत्र व अंग दान को बढ़ावा देने हेतु स्कूलों में दी जाए शिक्षा
    • पत्नी को मेरा शव मत छूने देना, मेरी आत्मा भटकती रहे, लिखकर बॉडी बिल्डर ने गोली मारकर दी जान
    • कल ई-20 के विरोध में जनता के पत्रों के साथ पीएम आवास तक मार्च करेंगे अरविंद केजरीवाल
    • 3,000 अफसरों ने सीएपीएफ कानून को दी चुनौती, शौर्य चक्र विजेताओं सहित पदोन्नति में पिछड़े कैडर अफसर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
    • ग्लास्गो के रेस्तरां में भारत के नक्शे से ‘गायब’ ‘पूर्वोत्तर, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने जताई नाराजगी
    • अब 17 से 19 अगस्त तक होंगे यूजी-पीजी प्रथम मेरिट से प्रवेश
    • 10 से 15 अगस्त तक तिरंगे के रंग में रंगेगा मेरठ
    • रंगोली मंडप पर चला हथौड़ा, 44 सील संपत्तियों के मालिकों के पास एक हफ्ता
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»टेक्नोलॉजी»मेटा में 8000 कर्मचारियों की छंटनी
    टेक्नोलॉजी

    मेटा में 8000 कर्मचारियों की छंटनी

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMay 12, 2026No Comments5 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 12 मई। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। वहीं, दूसरी ओर दुनिया के टेक जगत में एआई के कारण लोगों की नौकरियां जाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है।फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा 20 मई को अपने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग अब मेटा को छोटी और एआई-संचालित टीमों के इर्द-गिर्द फिर से तैयार कर रहे हैं। हाल ही में पहली तिमाही के नतीजों के दौरान जुकरबर्ग ने स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी केवल उन कर्मचारियों को साथ रखना चाहती है, जो अकेले ही बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता रखते हैं।

    जुकरबर्ग का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरणों की मदद से अब एक या दो लोग एक हफ्ते में वह काम कर रहे हैं, जिसे पूरा करने में पहले दर्जनों इंजीनियरों को महीनों लग जाते थे। इसी बदलाव को देखते हुए कंपनी अपनी टीमों को छोटा और अधिक उत्पादक बना रही है। जुकरबर्ग के अनुसार, यह फैसला केवल लागत कम करने के लिए नहीं, बल्कि मेटा को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक संरचनात्मक विकल्प है।
    कंपनी में अब अल्ट्राफ्लैट ढांचा लागू किया जा रहा है, जहां 50 इंजीनियरों पर केवल एक मैनेजर काम कर रहा है। कंपनी का संदेश साफ है मेटा अब भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को एक तकनीकी मशीन के रूप में तैयार कर रही है, जहां इंसानी श्रम से ज्यादा एआई टूल्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश और शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
    मेटा इस साल अपने बुनियादी ढांचे, विशेषकर डेटा सेंटर, कस्टम चिप्स और एआई मॉडल ट्रेनिंग पर 125 से 145 अरब डॉलर का रिकॉर्ड पूंजीगत खर्च कर रही है। कंपनी की मुख्य वित्तीय अधिकारी सुसान ली ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे पर खर्च पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है, जिसके कारण कर्मचारियों के वेतन और कंपनी के बजट के बीच असंतुलन पैदा हुआ है। इसी असंतुलन को पाटने के लिए 20 मई की छंटनी का फैसला लिया गया है। सुसान ली ने यह भी माना कि एआई की तेजी से बदलती क्षमताओं के बीच मेटा का आदर्श आकार क्या होना चाहिए, इसका अब कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। इस भारी खर्च और अनिश्चितता के कारण निवेशकों में भी चिंता देखी गई, जिसके चलते अर्निंग कॉल के बाद मेटा के शेयरों में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    कर्मचारियों का घटता मनोबल और एआई की निगरानी
    एक तरफ जहां उद्योग जगत में यह बहस तेज है कि एआई इंसानों की जगह ले रहा है, वहीं जुकरबर्ग का तर्क है कि यह तकनीक कर्मचारियों की क्षमता को बढ़ाएगी, न कि उन्हें खत्म करेगी। हालांकि, कंपनी के भीतर का माहौल कुछ और ही बयां कर रहा है। मेटा ने श्मॉडल कैपेबिलिटी इनिशिएटिव्य नामक एक आंतरिक ट्रैकिंग टूल लागू किया है, जो एआई एजेंटों को प्रशिक्षित करने के लिए कर्मचारियों के कीस्ट्रोक्स, क्लिक और माउस मूवमेंट को रिकॉर्ड करता है। प्रदर्शन मूल्यांकन में भी एआई के उपयोग को परखा जा रहा है। इन सख्त बदलावों के कारण कर्मचारियों का मनोबल अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

    आगे का आउटलुक
    मेटा की यह नई रणनीति तकनीकी क्षेत्र में काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल रही है। कंपनी का साफ संदेश है कि भविष्य उन्हीं का है जो एआई उपकरणों के साथ तेजी से काम कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बुनियादी ढांचे पर किया जा रहा यह भारी निवेश और टीमों का यह नया ढांचा मेटा को आगे चलकर कितना आर्थिक लाभ पहुंचाता है।

    mark-zuckerberg meta tazza khabar tazza khabar in hindi technology
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    नेत्र व अंग दान को बढ़ावा देने हेतु स्कूलों में दी जाए शिक्षा

    August 3, 2026

    पत्नी को मेरा शव मत छूने देना, मेरी आत्मा भटकती रहे, लिखकर बॉडी बिल्डर ने गोली मारकर दी जान

    August 3, 2026

    कल ई-20 के विरोध में जनता के पत्रों के साथ पीएम आवास तक मार्च करेंगे अरविंद केजरीवाल

    August 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.