मेरठ 29 जून (प्र)। साइबर हैकरों के हौंसले बुलंद हो चुके हैं। साइबर हैकरों ने मेरठ विकास प्राधिकरण वेबसाइट को हैक कर लिया। वेबसाइट के होमपेज पर आपत्तिजनक संदेश और नारे लिखे। मेडा के संवेदनशील डाटा तक पहुंचने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। साइबर सेल में अज्ञात हैकरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके हैकरों की तलाश शुरू कर दी है। मेडा सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि हैकर सिर्फ होमपेज तक पहुंच पाए थे। टेक्नीकल टीम ने हैकरों से साइट रविवार दोपहर दो बजे मुक्त करा दिया है। साइट सामान्य रूप से सुचारू हो गई है।
साइबर हैकरों ने शनिवार रात करीब 10 बजे मेरठ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट को हैक कर लिया। उसके होमपेज पर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी गई। साइट में मौजूद संवेदनशील डाटा को चुराने का प्रयास किया गया। साइट हैक होते ही मेडा के अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में मेड़ा के अधिकारियों ने तुरंत ही एसएसपी अविनाश पांडेय घटना की जानकारी दी। मेडा के सचिव अर्पित गुप्ता ने हेकरो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के तहरीर दी। एसएसपी ने सारे मामले को साइबर सेल में ट्रांसफर किया आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके हैकरों को तलाश की जा रही है। मेड़ा के सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि हैकर सिर्फ होमपेज तक पहुंच पाए। सर्वर व अन्य डेटा सुरक्षित मिल गया है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपनी टेक्नीकल टीम को सतर्क किया। टेक्नीकल टीम ने साइट को बंद कर दिया। रविवार दो बजे साइट को हैकरों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद साइट सामान्य रूप से सुचारू हो सकी।
फीचरों में किया बदलाव
मेड़ा के सचिव का कहना है कि हेकरो से बचने के लिए मेडा की टेक्नीकल टीम ने वेबसाइट के फीचरों में बदलाव किया है। जिससे हैकर इससे दुबारा से हैक न कर सके। अभी कुछ दिन पहले ही हेकरों ने वीसी का वाटसऐप मोबाइल नंबर हैक कर लिया। उनके वाटसऐप नंबर से उनका नाम लेकर एई से पचास हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिय वीसी ने साइबर सेल में सारे मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
मेडा सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि मेडा की साइट का होमपेज शनिवार को हेकरों ने हैक कर लिया। उसमें आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी गई। साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कराया गया। मेडा की वेबसाइट रविवार दोपहर दो बजे सामान्य रूप से सुचारू हो पाई।
हैकरों के निशाने पर आए शहर के प्रतिष्ठित डाक्टरों के मोबाइल फोन
हैकरों के निशाने पर शहर के प्रतिष्ठित डाक्टरों के मोबाइल फोन आ गए हैं। डा. ओपी गुप्ता के बाद रविवार को हेल्थ केयर सेंटर के मालिक डा. संजय गुप्ता का मोबाइल फोन हैक कर उनके परिचितों से रुपयों की डिमांड की गई। मोबाइल हैक का पता चलने पर डाक्टर ने सिविल लाइंस थाने पर हैकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रविवार को हेल्थ केयर सेंटर के मालिक डा. संजय गुप्ता का मोबाइल फोन हैक कर लिया। हैकर ने डा. संजय गुप्ता के व्हाट्सएप नंबर से उनके सर्किल के डाक्टरों तथा परिचितों को पैसों की जरूरत बताते हुए जब मैसेज भेजने प्रारंभ किये तो डा. संजय गुप्ता को मोबाइल फोन हैक होने का पता चला। इसके बाद वे अलर्ट हो गए और परिचित साइबर क्राइम में शिकायत की। इसके बाद साइबर क्राइम सेल सक्रिया हुआ और डाक्टर का व्हाट्सएप नंबर अस्थायी रूप से फिलहाल कुछ समय के लिए बंद कर जांच प्रारंभ कर दी। डा. संजय गुप्ता ने सिविल लाइंस थाने पर हैकर के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पहले भी निशाना बने शहर के डाक्टर
डा. संजय गुप्ता से पहले 26 जून को बच्चा पार्क स्थित डा. ओपी गुप्ता इमेजिंग सेंटर के मालिक रेडियो जॉजिस्ट डा. ओपी गुप्ता का फोन हैक कर लिया गया था। हैकर ने उनके व्हाट्सएप नंबर से डा. ओपी गुप्ता के सर्किलों के डाक्टरों को एक मैसेज भेजा था मैसेज में हैकर ने डा. ओपी गुप्ता की यूपीआई काम न करने का हवाला देते हुए 48 हजार रुपये की डिमांड की थी। साथ ही, रुपये शनिवार को वापस लौटाने की की बात कही थी। इससे पहले डा. ओपी गुप्ता की बेटी राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. हिमानी अग्रवाल का व्हाट्सएप अकाउंट 22 जून को हैक कर लिया गया था। हैकर ने डा. हिमानी अग्रवाल के परिचितों को मैसेज भेजकर 45, 50 व 52 हजार रुपये यानी 1.47 लाख रुपये की डिमांड की थी। परिचितों द्वारा जानकारी देने पर डा. हिमानी अग्रवाल ने एसपी क्राइम अवनीश कुमार को शिकायत भेजी थी। साथ ही लालकुर्ती थाने पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सावधानी, सतर्कता और जागरूकता जरूरी: एसपी सिटी
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसेले ने बताया कि मोबाइल फोन हैक होने के बाद अगर पैसे की डिमांड की जाती है। ट्रेसफुल मैसेज में अपने साथ अनहोनी बताकर पैसे की मांग की जाती है तो तत्काल मैसेज भेजने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर फोन कॉल करें। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि ट्रेसफुल मैसेज उस व्यक्ति द्वारा भेजा गया है या नहीं।
मोबाइल पर अनवांटेड ब्लू कलर की लिंकस या व्हाट्सएप के द्वारा शॉपिंग मॉल में जहां आप अपना मोबाइल नंबर सेव करते हैं ऐसी शॉपिंग मॉल से भी तरह-तरह की लिंक आती है। इसलिए यह देखना भी जरूरी है कि ये लिंकस संबंधित शॉपिंग मॉल से भेजी गई हैं या नहीं अनवांटेड ब्लू कलर की किसी भी तरह की लिंकस पर क्लिक न करें। अगर भूलवश क्लिक कर भी दिया जाता है तो उसके बाद पासवर्ड मांगने पर उस पासवर्ड को साझा न करें।
अक्सर त्योहारों के नजदीक आने पर ई-कॉमर्स साइट से तमाम शॉपिंग प्रारंभ हो जाती है। इन शॉपिंग के दौरान पार्सल के नाम पर फोन कॉल या मैसेज आते है इन मैसेज व फोन कॉल के द्वारा भी ठगी की जाती है।
शादी का मैसेज एपीके (एंड्रॉइड ऑपरेटिंग किट) के द्वारा आने पर एपीके फाइल डाउनलोड होने पर आपका फोनहैक हो जाता है। इसलिए एपीके फाइलके द्वारा आने वाले मैसेज, फोटो, पीडीएफ फाइल को ध्यान में रखना चाहिए। जहां एपीके फाइल लिखा है, उसको डाउनलोड न करें।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि जब लोग एपीके फाइल से जागरूक हुए तो नया फ्रॉड पार्सल के नाम पर शुरू किया गया है। आपका पार्सल आने की बात कही जाती है। हैकर पार्सल के सामने स्टार 1,2, 3 और उसके सामने डिलीवरी ब्वॉय का नंबर बताते है साथ ही जानकारी दी जाती है कि नंबर से पहले आपको स्टार 1. 2. 3 लगाना पड़ेगा। इसलिए स्टार 1.2, 3 नंबर लगाने की आवश्यकता नहीं है वरना ऐसा करने से भी आपका फोन हैक हो जाता है। फोन पे और जी पे के संबंध में ये भी देखा गया है कि आपके नंबर के ऊपर अचानक 500 रुपये या 5000 रुपये आ गए। उसके बाद सामने वाला रुपये वापस करने का दबाव बनाया है या लिंक भेजकर गलती से रुपये आने की बात कहता है लिंक खोलने पर भी आपका फोन हैक होकर बैंक अकाउंट जाता है। इसलिए सावधानी, सतर्कता और जागरूकता से साइबर ठगों से बचा जा सकता है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि सजग, सतर्क रहें। किसी भी माध्यम से अनवांटेड लोगों द्वारा भेजे गए मैसेज, लिंक या नंबर पर रिप्लाई न करें। अगर ऐसी कोई बात आती है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर सेल तथा साइबर क्राइम पुलिस थाने पर तुरंत संपर्क कर रिपोर्ट करें। इसके बाद साइबर ठगों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

