कोलकाता, 24 जून (ता)। टीएमसी बागियों की पार्टी पर कब्जे की कोशिश के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग का रुख किया है। ममता खेमे ने 20 जून 2026 तक की स्थिति के अनुसार नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची सौंपी है, इसमें ममता को अध्यक्ष, अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव कहा गया है।
असली टीएमसी किसकी, अब यह लड़ाई चुनाव आयोग पहुँच गई है। पार्टी पर कब्जे की बागी गुट की कोशिश के बीच ममता बनर्जी खेमे ने चुनाव आयोग में पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यसमिति और पदाधिकारियों की पूरी सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। यह सूची 20 जून 2026 की तारीख की है। चुनाव आयोग में इस सूची को देने का मक़सद पार्टी में असली नेतृत्व को क़ानूनी रूप से मज़बूत करना है।
चुनाव आयोग को दी गई आधिकारिक सूची के अनुसार ममता बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन हैं। उनके अलावा सुब्रत बख्शी उपाध्यक्ष, अभिषेक बनर्जी राष्ट्रीय महासचिव, डेरेक ओब्रायन व डोला सेन संयुक्त सचिव और सुभाशीष चक्रवर्ती कोषाध्यक्ष बताए गए हैं। इनके अलावा जो सूची सौंपी गई है उसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय कार्यसमिति के प्रमुख सदस्य पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय हैंश्। अमित मित्रा, राजेश पाटी त्रिपाठी, असीमा पात्रा, मोलॉय घटक, गौतम देब, बुलू चिक बराइक, मुकुल संगमा, बैस्वनोर चट्टोपाध्याय, बिरबाहा हांसदा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, नदीमुल हक, मदन मित्रा, बिमान बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कुणाल घोष वरिष्ठ कमिटी मेंबर हैं।
ममता बनर्जी गुट द्वारा चुनाव आयोग में कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की सूची सौंपे जाने का मामला तब आया है जब एक दिन पहले सोमवार को ही इसके बागी गुट ने ममता को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने की घोषणा कर दी। बागी खेमे ने वरिष्ठ विधायक अरुप रॉय को नया चेयरमैन भी घोषित कर दिया। बागी गुट का नेतृत्व कर रहे ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनकी ओर से गठित नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी ही पार्टी की वैध संगठनात्मक इकाई है। इस फ़ैसले के बाद माना जा रहा है कि बागी गुट अब पार्टी का पूरा नियंत्रण लेने की कोशिश कर रहा है।
बागी गुट का दावा है कि पुरानी राष्ट्रीय कार्यसमिति फरवरी 2022 का कार्यकाल खत्म हो चुका है। उनके पास करीब 20 लोकसभा सांसद और बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन है। बागी खेमे ने पार्टी के कालीघाट मुख्यालय में मौजूदा सत्ता संरचना को संवैधानिक संकट कहते हुए कहा कि फरवरी 2022 में गठित अंतिम आधिकारिक राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल पूरी तरह से ख़त्म हो गया है।
ऋतब्रत के नेतृत्व में बाग़ी खेमे ने अध्यक्ष पद पर बदलाव के फ़ैसले से पहले बैठक की थी। बीती गत दिवस कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक निजी होटल में बागी विधायकों, पार्षदों और पार्टी नेताओं की एक बैठक आयोजित की गई थी। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि बैठक में अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, जावेद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और अन्य कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बताया गया कि कोलकाता, हावड़ा, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर, उत्तरपाड़ा, श्रीरामपुर और अन्य जिलों के कई पार्षद और पूर्व जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल हुए।
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