नई दिल्ली, 27 जुलाई (ता)। दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए गए विशेष जांच अभियान में बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। ‘बाल संरक्षण माह’ पहल के तहत शहर भर में की गई जांच के दौरान 774 स्कूलों में सुरक्षा से जुड़ी खामियां पाई गई हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या प्राइवेट स्कूलों की है। एलजी टीएस सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर 13 से 24 जुलाई के बीच कुल 1,677 स्कूलों में जांच अभियान चलाया गया था। जांच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) और पाक्सो अधिनियम के आधार पर तैयार श्स्टूडेंट सेफ्टी चेकलिस्टश् के जरिये की गई।
इस जांच के दायरे में सरकारी, प्राइवेट, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के अलावा एमसीडी, एनडीएमसी व दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल भी शामिल हैं। स्कूलों की जांच के लिए बनाई गई विशेष टीमों में अभिभावकों के प्रतिनिधि, शिक्षा निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और संबंधित स्कूलों के प्रमुख भी शामिल हैं।
अभियान की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बार एक ही दिन के भीतर पूर्व 150 से 200 स्कूलों की जांच की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं, उन्हें तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
कुल 812 प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 463 स्कूलों में खामियां पाई गईं। जांचे गए स्कूलों के अनुपात में प्राइवेट स्कूलों की यह संख्या बेहद असंतुलित और अधिक है। वहीं 790 सरकारी स्कूलों की जांच की गई, जिनमें से 270 में सुरक्षा कमियां मिलीं। 75 सहायता प्राप्त स्कूलों में से 41 स्कूलों में कमियां उजागर हुईं। खामियों में सीसीटीवी कैमरों का खराब होना, बस ड्राइवरों, गार्डों और सपोर्ट स्टाफ का पुलिस सत्यापन न होना, चारदीवारी टूटी होना, एक्सपायर्ड अग्निशामक यंत्र, शौचालयों में दरवाजों अथवा कुंडियों की खराबी और पीने का अस्वच्छ पानी जैसी गंभीर कमियां शामिल हैं।
एलजी और सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि बच्चों की सुरक्षा केवल श्बाल सुरक्षा माहश् तक सीमित न रहे, बल्कि इसे स्कूलों के कामकाज का एक स्थायी हिस्सा बनाया जाए। दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों की पूरी जांच होने तक यह विशेष अभियान जारी रहेगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य राजधानी के हर छोटे-बड़े शैक्षणिक संस्थान में सुरक्षा, जवाबदेही और तैयारी की एक स्थायी संस्कृति स्थापित करना है।
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