हरिद्वार,05 फरवरी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गत दिवस सप्तऋषि मैदान में आयोजित मूर्ति स्थापना समारोह में शामिल होने के बाद जगद्गुरु आश्रम कनखल पहुंचे। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लिया। जगद्गुरु ने उन्हें शॉल और रुद्राक्ष की माला पहनाकर शुभाशीष दिया। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक उन्होंने मुख्यमंत्री से वार्ता की।
इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में राजा संतों के पास सत्ता संचालन और धर्म पालन को जानने के लिए जाते थे। सत्ता आने पर व्यक्ति में अहंकार आता है उसका शमन संतों के पास जाने से होता है। अहंकार बड़े-बड़े ज्ञानियों को भी मर्यादा विहीन कर देता है। इसलिए धर्म समय-समय पर सत्ता को विचारों से जोड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश की सत्ता में धर्म का पालन करने वाले हाथों में नेतृत्व है। यही समय है जब सनातन की बात की जा रही है और इस दिशा में कार्य भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने जब जगद्गुरु आश्रम की दीवार पर ब्रह्मलीन संत सेवक संघ के संस्थापकों के साथ प्रसन्न मुद्रा में गले में माला पहने दिखे। उन्होंने जगद्गुरु प्रकाशानंद की तस्वीर देखी तो आश्चर्य व्यक्त किया। तस्वीर में उनके गुरु राष्ट्रीय स्वयं से कहा कि स्वामी प्रकाशानंद महाराज कभी फोटो नहीं खिंचवाते थे और किसी से कभी माला भी नहीं पहनते थे। वह बचपन में विधायक पिता के साथ स्वामी प्रकाशानंद से मिले थे। उस आशीर्वाद को याद करते हुए सीएम तस्वीर को अपने साथ ले गए।
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