वाशिंगटन,18 मई। आमतौर पर हम जानते हैं कि कम सोना सेहत के लिए खतरनाक है। लेकिन एक नए अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जरूरत से ज्यादा नींद लेना भी शरीर को तेजी से बूढ़ा बना सकता है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अध्ययन के आधार पर दावा किया गया है कि अधिक सोने से शरीर के 17 प्रमुख अंगों के बूढ़े होने की रफ्तार तेज हो सकती है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने यूके बायोबैंक के करीब पांच लाख लोगों के डेटा और मशीन लर्निंग तकनीक का विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं ने 17 अलग-अलग अंगों के लिए 23 विशिष्ट एजिंग क्लॉक विकसित कीं। कम सोने का मतलब छह घंटे से कम और ज्यादा नींद का मतलब आठ घंटे से अधिक तय किया गया। नतीजों में पाया गया कि जो लोग रोजाना लगभग सात घंटे नींद लेते मिले, उनके अंगों में बुढ़ापे की प्रक्रिया सबसे धीमी देखी गई। इसके उलट, जिन लोगों ने छह घंटे से कम नींद ली, उनके अंग तेजी से बूढ़े होने की प्रक्रिया की तरफ बढ़े। आठ घंटे से अधिक बिस्तर पर बिताने वाले लोगों के अंगों की बायोलॉजिकल उम्र (शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के तेजी से बूढ़े होने की गति)भी उनकी वास्तविक उम्र से बहुत आगे पाई गई। इस शोध के निष्कर्ष नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
अस्थमा जैसी बीमारी संभव
नींद के दौरान दिमाग दिनभर के कचरे को साफ करता है। कम नींद से यह सफाई नहीं होती, जिससे दिमाग जल्दी बूढ़ा होता है और डिप्रेशन बढ़ता है। वहीं अधिक नींद से अवसाद या मानसिक बीमारियों जैसी स्थिति बन सकती है।
कम और ज्यादा सोने से फेफड़ों की गंभीर बीमारियां जैसे सीओपीडी, अस्थमा आदि का खतरा बढ़ जाता है।
जैविक घड़ी पर असर
लोग सोचते हैं कि हफ्ते के कामकाजी दिनों में कम सोए हैं, तो वीकेंड पर 10-12 घंटे सोकर भरपाई कर लेंगे। ऐसा करने से शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी पूरी तरह नष्ट हो जाती है, जो अंगों के बूढ़े होने की प्रक्रिया को और गंभीर बना देती है।

