अपनी बात कहने और उसका समाधान कराने का अधिकार सबको है लेकिन कठिनाई कितनी ही बड़ी हो किसी सरकारी अफसर पर हमला और सरकारी कार्यो में बाधा डालना दंडनीय अपराध है यह सबको पता है। इसके बावजूद शाहाबाद हरदोई के गांव परियल में बीते सोमवार शाम को बाढ़ राहत तैयारियों का जायजा लेने गए वहां के एसडीएम सुशील कुमार से वहां के प्रधान पुत्र द्वारा अभद्रता की गई। खबर के अनुसार एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया तो उसने ग्रामीणों को बुला लिया। तब एसडीएम ने मामला शांत कराया और वहां से जाने लगे तभी महिलाओं व ग्रामीणों ने प्रधान पुत्र के साथ उन पर पथराव कर दिया जिसमें एसडीएम घायल हो गए और सिर में पांच टांके आए। स्कैन कराने के बाद यह तो साफ हो गया कि उन्हें कोई गंभीर खतरा नहीं है लेकिन एसडीएम सुशील कुमार के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था क्योंकि परियल गांव गए एसडीएम सुशील कुमार ने ११ जून को राहत कार्यों का मॉक ड्रिल करना था। अन्नपूर्णा भवन के निरीक्षण के बाद प्रधान पुत्र उदयवीर राजपूत वहां आया और इस घटना को अंजाम दिया।
लोकतंत्र में व्यवस्थाओं का पालन अपनी बात कहने के साथ ही सरकारी कार्यों में बाधा और अफसरों पर हमला नहीं करना चाहिए क्योंकि जो समस्याएं ग्रामीणों के साथ आ रही है और अफसरों पर हमला करने के मुकदमा दर्ज होना होने से और परेशानियां खड़ी होंगी और प्रधानपुत्र के खिलाफ मामला दर्ज होना ही चाहिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
