Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा, आयोग की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे
    • गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया
    • राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा : उमर अब्दुल्ला
    • जम्मू-कश्मीर को राज्य दर्जा बहाली की मांग तेज
    • कार के डिवाइडर से टकराने से अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की हादसे में मौत
    • विधायक उमाशंकर सिंह को बसपा सुप्रीमो ने दी श्रद्धांजलि
    • बम-बम भोले के जयघोष से गूंजा मेरठ
    • आधी रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला जारी
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»न्यूज़»ड्राईविंग लाइसेंस पासपोर्ट की तर्ज पर बनाएं
    न्यूज़

    ड्राईविंग लाइसेंस पासपोर्ट की तर्ज पर बनाएं

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 22, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लखनऊ, 22 जून (ता)। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को पासपोर्ट सिस्टम की तरह बनाया जाए, जिसमें हर चरण का रिकॉर्ड आनलाइन और वेरिफाइड हो। जिस तरह पासपोर्ट बनवाने में पुलिस वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक जांच जरूरी होती है, उसी तरह अब डीएल प्रक्रिया में भी कठोर परीक्षण और सत्यापन लागू किए जाएंगे।
    इस नई व्यवस्था को लागू करने की दिशा में शुरुआती काम शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सिस्टम में सुधार कर उसे अधिक सुरक्षित और टेस्ट-आधारित बनाया जाएगा। अभी तक ड्राइविंग टेस्ट और बायोमेट्रिक प्रक्रिया सीमित रूप से आरटीओ स्तर पर होती है, लेकिन नए सिस्टम में इसे और अधिक संरचित किया जाएगा। नई व्यवस्था में एक अहम पहलू यह भी है कि ड्राइविंग टेस्ट और कुछ प्रक्रियाओं को निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित करने पर विचार किया जा रहा है। इससे प्रक्रिया को तेज और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की उम्मीद है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था को लागू करना आसान नहीं होगा। मौजूदा ढांचे में निजी और सरकारी भागीदारी का संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी जरूरी होगा, ताकि हर आवेदक को समान अवसर मिल सके। नई प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि जिम्मेदारी का प्रमाण बन जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और केवल प्रशिक्षित चालक ही सड़कों पर उतरेंगे।

    Issue driving licenses on the lines of passports. lucknow Plan tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा, आयोग की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे

    August 6, 2026

    गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया

    August 6, 2026

    राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा : उमर अब्दुल्ला

    August 6, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.