नई दिल्ली, 10 मार्च (अम)। मध्य-पूर्व में जारी जंग के बीच स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) ने हथियारों की होड़ लेकर नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक हथियार आयात के मामले में भारत अब दूसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक था, जिसने कुल अंतरराष्ट्रीय हथियार लेन-देन का 9.7 फीसदी हिस्सा प्राप्त किया। इसमें यह भी कहा गया है कि चीन 1991-95 के बाद पहली बार शीर्ष 10 हथियार आयातक देशों में नहीं आया, क्योंकि उसने अपनी घरेलू हथियार उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है। रिपोर्ट का नाम ‘ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स’ है।
2021-25 में अंतरराष्ट्रीय हथियार आपूर्ति का 42 फीसदी हिस्सा अमेरिका ने दिया, जबकि 2016-20 में यह केवल 36 फीसदी था। एशिया और ओशिनिया के चार देश भारत, पाकिस्तान, जापान और ऑस्ट्रेलिया 2021-25 में दुनिया के दस सबसे बड़े हथियार आयातकों में शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, 2021-25 में अमेरिका इस क्षेत्र का मुख्य आपूर्तिकर्ता था, जिसका हिस्सा 35 फीसदी था। रूस ने 17 फीसदी और चीन ने 14 फीसदी आपूर्ति की।
सिपरी ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है। 2016-20 और 2021-25 के बीच भारत के आयात में मामूली चार फीसदी की कमी आई। भारत के हथियार आयात का सबसे बड़ा हिस्सा (40 फीसदी) रूस से आया, जो 2016-20 में 51 फीसदी और 2011-15 में 70 फीसदी था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब पश्चिमी देशों से भी हथियार खरीदने की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रूस अब भी भारत का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है। लेकिन भारत, फ्रांस और इस्राइल से भी हथियार खरीद रहा है।
पाकिस्तान के हथियार आयात 2016-20 और 2021-25 के बीच 66 फीसदी बढ़े। चीन ने पाकिस्तान को 2021-25 में 80 फीसदी हथियार आपूर्ति की, जो 2016-20 में 73 फीसदी थी। सिपरी के वरिष्ठ शोधकर्ता पीटर वेजेमैन ने कहा कि अमेरिका ने हथियार आपूर्ति में अपना दबदबा और मजबूत किया है। आयातकों के लिए अमेरिकी हथियार उन्नत क्षमता प्रदान करते हैं और अच्छे संबंध बनाने में मदद करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया, ओशिनिया और पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष बड़े पैमाने पर हथियार आयात को बढ़ा रहे हैं, जबकि यूरोप में हथियार प्रवाह में तेज वृद्धि से वैश्विक हथियार लेन-देन में लगभग 10 फीसदी की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट कहती है कि 2016-20 और 2021-25 के बीच देशों के बीच मुख्य हथियारों का लेन-देन 9.2 फीसदी बढ़ा। यूरोप ने अपने हथियार आयात को तीन गुना बढ़ाया और अमेरिका के कुल हथियार निर्यात में 27 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमें यूरोप को अमेरिकी हथियार निर्यात में 217 फीसदी की वृद्धि शामिल है।
Trending
- वर्ल्ड चैंपियन स्पेन के हर खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस
- दान की कीमती वस्तुओं व चंदे का उपयोग कैसे और कहां हुआ भक्तों को यह जानने का अधिकार है
- कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च जैसा आदोलनों में हमेशा होता है वहीं हुआ, प्रधानमंत्री को युवाओं के जख्मों पर मरहम लगाकर फिलहाल ?
- कार्तिक आर्यन पहुंचे बाद बाबा महाकाल की शरण में
- जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और प्रभावशाली उपस्थिति को एक बार फिर रेखांकित किया
- ‘तारा पोलर स्टेशन’ वैज्ञानिक प्रयोगशाला उत्तरी ध्रुव के लिए रवाना की गई
- करदाताओं को प्राथमिक पते के साथ एक अतिरिक्त पते की जानकारी भी देनी होगी
- गुप्त नवरात्रि के छठे दिन माता बगलामुखी मंदिर से निकाली भव्य शोभायात्रा

