Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
    • बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
    • कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
    • पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
    • छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
    • प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
    • दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
    • रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»जनहित में : एम्स तो आना ही चाहिए साथ ही मेडिकल और प्यारेलाल की दशा सुधारी जाए, नर्सिंग होमों की निरंकुश कार्यप्रणाली पर लगे रोक
    देश

    जनहित में : एम्स तो आना ही चाहिए साथ ही मेडिकल और प्यारेलाल की दशा सुधारी जाए, नर्सिंग होमों की निरंकुश कार्यप्रणाली पर लगे रोक

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJanuary 24, 2026No Comments11 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सस्ती और उच्च स्तरीय चिकित्सा प्राप्त करना हर नागरिक का अधिकार है और समय से सही इलाज मिल जाए तो वह वरदान कहा जा सकता है। अपने शहर में एम्स जैसी सुविधाएं लाने के लिए आम आदमी से लेकर राजनेता सांसद और विधायक सब भरपूर प्रयास कर रहे हैं। हमारे मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल साहब का कथन है कि एम्स समेत कई विषयों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने बजट मेें उम्मीद है कि मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई मुददों की लड़ाई लड़ी जा रही है। एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज का कहना है कि एम्स पर मेरठ का हक बनता है। मुझे भी लगता है कि एम्स के साथ साथ और भी चिकित्सा क्षेत्र में सुविधा हमें मिले जिससे बिना इलाज के कोई व्यक्ति ना तो अपनों से बिछड़ पाए और ना उसे कही और जाने की आवश्यकता ना पड़े। लेकिन सवाल यह उठता है कि एम्स जैसी सुविधाएं मांगने के साथ साथ हम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल व देहातों के स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जो सुविधाएं चिकित्सा की नागरिकों को मिल सकती है उन्हें उपलब्ध कराने के लिए एम्स की मांग के साथ साथ अगर प्रयास करें तो वो ज्यादा जनहित का होगा। क्योंकि मेडिकल कॉलेज में प्रश्ाििक्षत स्टाफ बिना करोड़ों के उपकरण धूल फांक रहे हैं तो कभी वहां जानवर घूमते नजर आते हैं तो कभी तीमारदारों से दुर्व्यवहार तो कुछ मौकों पर ऐसा भी सुनने को मिला कि दवाई और अन्य सुविधाएं भी है लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें जरुरतमंदों को देना उचित नहीं समझा तो कई बार खबर पढने को मिली कि वहां के डाक्टर निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजते हैं और कई बार सुना कि मेडिकल के डॉक्टर अपने घरों या निजी अस्पतालों में मरीजों को देखते हैं। गंदगी से संबंध खबर तो रोज पढ़ते हैं। निजी अस्पतालों के संचालकों व डाक्टरों द्वारा सरकारी सुविधा को हड़पने के लिए फर्जी मरीजों की संख्या दिखाते हैं लेकिन पात्रों को दवाई देना जरुरी नहीं समझते। पिछले साल सपा विधायक अतुल प्रधान द्वारा इसके विरोध में काफी लंबा धरना प्रदर्शन भी किया गया था और अस्पताल से सुधार का आश्वासन मिला लेकिन कोई सुधार नहीं होता नजर आ रहा है। बागपत रोड के केएमसी अस्पताल में नागरिकों के अनुसार कोरोनाकाल में फर्जी मरीजों के भर्ती होने का मामला सामने आया था और बुलंदशहर के एक परिवार ने धोखे से अंग निकालने के आरोप लगाए थे लेकिन उन मामलों में क्या हुआ और कया कार्रवाई की गई वो आज तक नहीं पता क्योंकि संबंधित बताने को तैयार नहीं होते और आरटीआई से मांगने पर लिपापेाती कर मामले को कठिन बना देते हैं।
    मेरा मानना है कि जुझारू व्यवहारिक और अपनी स्पष्ट बात कहने में अग्रणी साढ़े चार दशक से नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए संषर्ष करने वाले राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी खुद भी डॉक्टर है और गली मोहल्लों की राजनीति करते हुए आगे बढ़े और आज राष्ट्रीय स्तर परसक्रिय है। उनसे उम्मीद की जाती है कि वेस्ट यूपी में एम्स की उम्मीद पूरी की जानी चाहिए और इसके लिए वह प्रयास करते नजर भी आते हैं इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक और एमएलसी साहब एम्स की मांग तो होनी चाहिए लेकिन मेडिकल अस्पताल में सरकार द्वारा सुविधाएं उपलब्ध कराने के बावजूद कमियों का बोलबाला रहता है और आम आदमी परेशान पहले उन्हें दूर कराएं और साथ ही कुछ नर्सिंग होम जो खबरों से पता चलता है कि इलाज में पैसा लेने में घपला और सरकारी सुविधाओं को हड़पने तथा फर्जी मरीज दिखाने का काम कर आम आदमी के हक पर कुठाराघात कर रहे हैं उनमें सुधार के प्रयास होने चाहिए। लोगों का कहना है कि अतुल प्रधान ने खूब प्रयास किए लेकिन वह विपक्ष के विधायक थे तो कार्रवाई नहीं हो पाई मगर भाजपा के सांसद और विधायक को इस मामले में सुधार कराने में सक्षम है। वो उन्हें इस मामलें में भी आगे आने का प्रयास कर पीएम और सीएम की भावनाओं के तहत हर पात्र व्यक्ति को सरकारी सुविधाओं का लाभ तो मिल ही सके ऐसे प्रयास करने चाहिए क्योंकि सिर्फ सरकार से मांग करने से कुछ होने वाला नहीं है। हमें खुद भी प्रयास करने होंगे क्योििंक शासन और सरकार घर घर जाकर व्यवस्थाएं नहीं कर सकती।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन

    August 13, 2026

    कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे

    August 13, 2026

    पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं

    August 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.