सहारनपुर/सरसावा, 10 जनवरी। सरसावा टोल प्लाजा पर किसानों और ट्रैक्टर चालकों से फर्जी रसीदों के जरिए अवैध वसूली के मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टोल प्लाजा मालिक, मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई गोपनीय जांच में अवैध वसूली का पूरा नेटवर्क सामने आया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सरसावा थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सरसावा टोल प्लाजा पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि हरियाणा की ओर पॉपुलर की लकड़ी ले जा रहे किसानों से नियमों के विपरीत 130 रुपये वसूले जा रहे थे और बदले में फर्जी रसीदें दी जा रही थीं, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियां टोल-फ्री श्रेणी में आती हैं।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय लेखपाल राम प्रसाद गुप्ता की शिकायत के बाद की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरसावा टोल प्लाजा पर किसानों और ट्रैक्टर चालकों से नियमों का उल्लंघन करते हुए 130 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके लिए कूटरचित रसीदों का उपयोग किया जा रहा था, जिससे किसान भ्रमित होकर अतिरिक्त रकम देने को मजबूर हो रहे थे।
डीआईजी/एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण सागर और सीओ नकुड़ रुचि गुप्ता की निगरानी में सरसावा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने टोल प्लाजा मालिक कमलजीत सिंह, टोल मैनेजर कालू सिंह राणावत, तथा कर्मचारी अक्षय कुमार और सागर को गिरफ्तार किया है। ये चारों आरोपी मिलकर फर्जी रसीदों के माध्यम से अवैध वसूली कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक रसीद बुक, 130 रुपए की आठ कटी हुई रसीदें और तीन पर्चियां बरामद की हैं, जिन पर वसूली का पूरा हिसाब दर्ज था। जांच में यह पुष्टि हुई कि किसानों और ट्रैक्टर चालकों को गुमराह कर नियमित टोल शुल्क के नाम पर उनसे अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, कमलजीत सिंह सरसावा टोल प्लाजा का मालिक है, जबकि कालू सिंह राणावत टोल मैनेजर के पद पर कार्यरत था। अक्षय कुमार और सागर टोल पर कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। प्रारंभिक जांच में इन चारों आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, हालांकि पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टोल प्लाजा मालिक कमलजीत सिंह, मैनेजर कालू सिंह राणावत, सागर और अक्षय को देहरादून-अंबाला रोड स्थित रेस्ट एरिया से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से रसीद बुक, कटी हुई रसीदें और अवैध वसूली से संबंधित पर्चियां बरामद की गई हैं। किसानों से अवैध वसूली की मिल रही शिकायतों को डीएम मनीष बंसल ने गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर राजस्व कर्मियों को किसानों के भेष में सरसावा नेशनल टोल प्लाजा भेजा गया। गुप्त जांच के दौरान टोल-फ्री ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से नकद वसूली, फर्जी रसीद देने की पुष्टि हुई।
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