नई दिल्ली, 12 जनवरी। डीएमके के वरिष्ठ नेता और ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी ने गत दिवस साफ कहा कि तमिलनाडु मे गठबंधन सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन कांग्रेस समेत किसी भी सहयोगी दल के साथ सत्ता साझा करने के पक्ष में नहीं हैं।
तमिलनाडु कांग्रेस द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी की दोबारा मांग पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पेरियासामी ने कहा कि हालांकि पार्टी को ऐसी मांग करने का अधिकार है, लेकिन डीएमके ने कभी भी गठबंधन व्यवस्था का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कभी गठबंधन सरकार नहीं बनी थी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में हमेशा डीएमके ने अकेले ही शासन किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पार्टी के इस रुख में कोई संदेह नहीं है, कोई गठबंधन सरकार नहीं बनेगी।
पेरियासामी ने कहा कि पहले कभी गठबंधन सरकार नहीं बनी थी। उन्होंने बताया कि राज्य में हमेशा डीएमके ने अकेले ही शासन किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पार्टी के इस रुख में कोई शक नहीं है, कोई गठबंधन सरकार नहीं बनेगी और मुख्यमंत्री इस रुख पर कायम हैं। कांग्रेस ने हाल ही में मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता में हिस्सेदारी के लिए अपनी मांग फिर से उठाई है।
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा था कि ष्सत्ता में हिस्सेदारी पर बहस करने का समय आ गया है। वहीं, सीएलपी नेता और कन्याकुमारी के विधायक एस राजेशकुमार ने भी गठबंधन सरकार के पक्ष में बात की। तमिलनाडु के कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडंकर ने पूछा था कि क्या कोई राजनीतिक पार्टी कि यह कहेगी कि उन्हें सत्ता नहीं चाहिए; तो हमें खुद को एनजीओ कहना चाहिए।
पेरियासामी की टिप्पणियां राज्य में शासन को लेकर क्डज्ञ के लंबे समय से चले आ रहे रुख की पुष्टि करती हैं। 1967 से, क्डज्ञ और ।प्।क्डज्ञ दोनों ने गठबंधन में चुनाव लड़ने के बावजूद अपनी सरकारें बनाई हैं। एकमात्र अपवाद तत्कालीन मद्रास राज्य की पहली विधानसभा (1952-57) का है, जब कांग्रेस, जिसके पास पूर्ण बहुमत नहीं था, ने अपने मंत्रिमंडल में गैर-कांग्रेसी नेताओं को शामिल किया था। 2006 में, डीएमके ने बहुमत से कम सीटें होने के बावजूद, कांग्रेस समेत अपने सहयोगियों के बाहरी समर्थन से पूरे पांच साल सरकार चलाई, लेकिन मंत्रियों के पद शेयर नहीं किए। कांग्रेस नेताओं ने उस कार्यकाल में भी ऐसी ही मांगें की थीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
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